‘अकरम भैया’ का सम्मान: वॉलीबॉल को बनाया जिंदगी का मिशन, हजारों खिलाड़ियों को दी नई पहचान
📑 इस लेख मेंराज्य खेल अलंकरण समारोह 2026 में वॉलीबॉल के समर्पित सेवक मोहम्मद अकरम खान सम्मानित हुए। खिलाड़ियों ने उन्हें अकरम भैया कहकर सम्मान और स्नेह जताया।मैदान…
राज्य खेल अलंकरण समारोह 2026 में वॉलीबॉल के समर्पित सेवक मोहम्मद अकरम खान सम्मानित हुए। खिलाड़ियों ने उन्हें अकरम भैया कहकर सम्मान और स्नेह जताया।
रायपुर। वॉलीबॉल को अपना जीवन समर्पित कर हजारों खिलाड़ियों को नई पहचान दिलाने वाले मोहम्मद अकरम खान को राज्य खेल अलंकरण समारोह 2026 में सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया गया।
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव और वॉलीबॉल के लिए लंबे समय से सक्रिय अकरम खान का नाम खेल जगत में खास पहचान रखता है। करीब 12 वर्ष की उम्र से वॉलीबॉल खेलने वाले अकरम खान ने बाद में खिलाड़ियों को तैयार करने और नई प्रतिभाओं को मंच देने को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया।
मैदान से प्रशिक्षण तक का सफर
अकरम खान ने वर्षों तक बच्चों और युवाओं को वॉलीबॉल की तकनीक सिखाने के साथ उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए कई खिलाड़ी प्रदेश और देश के विभिन्न स्तरों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
रायपुर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में वॉलीबॉल को मजबूत आधार देने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण माना जाता है। खिलाड़ियों के बीच उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे उन्हें सम्मान से ‘अकरम भैया’ कहकर बुलाते हैं।
‘यह सम्मान खिलाड़ियों की मेहनत का सम्मान’
सम्मान मिलने पर मोहम्मद अकरम खान ने राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है और वे आगे भी प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं के लिए काम करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से नई पीढ़ी में खेलों के प्रति विश्वास बढ़ता है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों को सम्मानित और प्रोत्साहित करना छत्तीसगढ़ के खेल भविष्य के लिए सकारात्मक कदम है।
खेल जगत ने बताया समर्पण का सम्मान
अमोल गरुड़ी ने कहा कि अकरम खान ने अपना जीवन वॉलीबॉल के लिए समर्पित किया है। उन्होंने सिर्फ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं दिया, बल्कि हजारों बच्चों के भीतर खिलाड़ी बनने का सपना जगाया। उनके मार्गदर्शन में तैयार खिलाड़ी देश-विदेश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।
नितिन पांडे ने कहा कि अकरम खान ने अपने लिए कम और खिलाड़ियों के भविष्य के लिए अधिक काम किया। हजारों बच्चों को खेल से जोड़ना और उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनाना उनके समर्पण को दर्शाता है।
वहीं, हरमेश चावड़ा ने कहा कि अकरम खान खिलाड़ियों के बीच सिर्फ प्रशिक्षक या पदाधिकारी नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह हमेशा खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल के प्रति अकरम खान का योगदान और खिलाड़ियों के साथ उनका जुड़ाव उन्हें अलग पहचान देता है।
राज्य खेल अलंकरण समारोह में मिला यह सम्मान अकरम खान के लंबे खेल सफर और वॉलीबॉल के प्रति उनके समर्पण की महत्वपूर्ण पहचान बन गया।
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