राजनांदगांव में समान नागरिक संहिता पर जनपरामर्श बैठक सम्पन्न
राजनांदगांव में समान नागरिक संहिता पर जनपरामर्श बैठक आयोजित हुई। इस दौरान विभिन्न संगठनों ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जो समावेशी कानून बनाने में सहायक होंगे।
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लेकर जनपरामर्श की प्रक्रिया गति पकड़ रही है। राज्य शासन द्वारा गठित यूसीसी समिति ने इस महत्वपूर्ण विषय पर जनता की राय जानने का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, राजनांदगांव के जिला पंचायत सभाकक्ष में एक अहम बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अपने विचार और सुझाव खुलकर प्रस्तुत किए। यह पहल एक समावेशी और जनोपयोगी समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यूसीसी समिति की राजनांदगांव में जनपरामर्श पहल
रायपुर, 09 सितम्बर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार, छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर गठित समिति जनता के बीच पहुंचकर उनकी राय ले रही है। राजनांदगांव में आयोजित बैठक में समिति के सदस्य – सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. ज्योति रानी सिंह – ने विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान पारंपरिक-सामाजिक मान्यताओं से लेकर आधुनिक वैधानिक सुधारों तक के कई अहम पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित प्रतिनिधियों ने UCC के पक्ष और विपक्ष दोनों में महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जो समिति को एक संतुलित और न्यायसंगत ड्राफ्ट तैयार करने में मदद करेंगे। बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के सर्व आदिवासी समाज, बौद्ध, जैन, मुस्लिम, ईसाई, साहू, कलार, लोधी, यादव, क्रिश्चियन समाज, पटेल, गड़रिया समाज और सेन समाज, गोड़ समाज के अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता, उराव समाज और मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
विभिन्न संगठनों के सुझाव और यूसीसी के मुख्य बिंदु
बैठक में शामिल विभिन्न संगठनों ने समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत सभी नागरिकों के लिए धर्म, जाति या लिंग के भेदभाव के बिना विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेने और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक जैसा कानून होने का सुझाव दिया। UCC का मूल विचार यह है कि देश के सभी नागरिकों पर उनके व्यक्तिगत कानूनों के बजाय एक समान कानून लागू हो, जो वर्तमान में विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए भिन्न-भिन्न हैं। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि बैठक में और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त सभी सुझावों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जाएगा और उन्हीं के आधार पर अंतिम ड्राफ्ट तैयार होगा। विधिक सलाहकार द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से UCC की विस्तृत जानकारी भी दी गई, ताकि सभी पहलुओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
जनभागीदारी और ऑनलाइन सुझाव प्रक्रिया
समिति ने आम जनता से भी ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित किए हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा देता है। कोई भी नागरिक समिति की आधिकारिक वेबसाइट https://ucc.cgstate.gov.in/ एवं ई-मेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in के माध्यम से अपने बहुमूल्य सुझाव दर्ज करा सकता है। यह सुनिश्चित करता है कि कानून बनाने की प्रक्रिया केवल विशेषज्ञों तक सीमित न रहे, बल्कि आम नागरिक भी इसमें अपनी भूमिका निभा सकें। इस तरह की जनभागीदारी से बनने वाला कानून अधिक स्वीकार्य और प्रभावी होने की संभावना रखता है। बैठक के दौरान संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी तथा अपर कलेक्टर श्री सी.एल. मारकंडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जो इस प्रक्रिया की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है।
विरात महानगर का विश्लेषण: राजनांदगांव में समान नागरिक संहिता पर हुई यह जनपरामर्श बैठक छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी सुधार की दिशा में एक ठोस कदम है। विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी और उनके द्वारा प्रस्तुत विविध सुझाव यह दर्शाते हैं कि इस विषय पर समाज में व्यापक रुचि और चिंतन है। समिति का यह प्रयास कि सभी वर्गों की आवाज़ सुनी जाए, एक समावेशी और न्यायपूर्ण कानून के निर्माण के लिए आवश्यक है। यह उम्मीद की जाती है कि प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार किया गया UCC का मसौदा सभी नागरिकों के अधिकारों और सम्मान को सुनिश्चित करेगा, साथ ही देश की एकता और अखंडता को भी मजबूत करेगा।
समान नागरिक संहिता — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q. समान नागरिक संहिता (UCC) क्या है?
A. यह भारत में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानून का प्रस्ताव है, चाहे धर्म कुछ भी हो।
Q. राजनांदगांव में UCC बैठक का उद्देश्य क्या था?
A. छत्तीसगढ़ में UCC को व्यावहारिक और जनोपयोगी बनाने हेतु विभिन्न संगठनों से सुझाव आमंत्रित करना।
Q. UCC समिति में कौन-कौन सदस्य हैं?
A. श्री एम.के. राउत, श्री मोहन पवार और डॉ. ज्योति रानी सिंह इसके प्रमुख सदस्य हैं।
Q. आम जनता UCC समिति को सुझाव कैसे दे सकती है?
A. आधिकारिक वेबसाइट https://ucc.cgstate.gov.in/ या ई-मेल `ucc-chhattisgarh@cg.gov.in` के माध्यम से।
Q. UCC का ड्राफ्ट कब तक तैयार होगा?
A. सभी सुझावों के विश्लेषण के बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है।
आधिकारिक संदर्भ: हिंदू विवाह अधिनियम, 1955
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