अब एमपी के पुलिस थानों में बन सकेंगे हनुमान मंदिर, चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर सहित प्रदेश के पुलिस थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ…

जबलपुर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर सहित प्रदेश के पुलिस थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही प्रदेश के थाना परिसरों में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने साफ किया कि पूर्व की एक जनहित याचिका के आदेश का पालन न होने के विरुद्ध विचाराधीन अवमानना याचिका के साथ इस बिंदु को सम्मिलित कर विरोध किया जा सकता है। पृथक से सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। बहरहाल, जबलपुर के अधिवक्ता ओपी यादव की जनहित याचिका निरस्त होने के साथ ही थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
एसएएफ डीजीपी व एडीजीपी आदेश का पालन कर दें रिपोर्ट
हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के डीजीपी कैलाश मकवाना व एडीजीपी इरशाद वली को निर्देश दिए हैं कि पूर्व आदेश का पालन कर उसकी रिपोर्ट पेश करें। न्यायमूर्ति अचल कुमार पालीवाल की एकलपीठ ने डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न संवर्गों के स्थानांतरण के संबंध में सक्षम अधिकारी को उचित दिशा निर्देश दें। कोर्ट ने 30 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को इस आदेश की प्रति डीजीपी को प्रेषित करने कहा ताकि इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके। याचिकाकर्ता छठवीं वाहिनी में पदस्थ आरक्षक कृष्ण कुमार शर्मा की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, संजय कुमार शर्मा, रोहिणी शर्मा व विनीत टेहेनगुरिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता का विगत वर्ष दसवीं वाहिनी, विसबल सागर से छठवीं वाहिनी जबलपुर स्थानांतरण हुआ था। जिसके विरुद्ध याचिका दायर की गई थी।
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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
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