विरात महानगर NEWS आपका शहर · आपकी खबर
📄 ई-पेपर
⚡ ब्रेकिंग
लिविंग रूम वास्तु: घर को सुख-समृद्धि से भरने वाले 12 नियम भोपाल सेंट्रल लाइब्रेरी में फायर सुरक्षा मॉक ड्रिल, स्टाफ और पाठकों को मिला प्रशिक्षण यातायात व्यवस्था सुधार के लिए प्रशासन ने उठाए नए कदम सांस्कृतिक कार्यक्रम में उमड़ी दर्शकों की भीड़ शहर में स्वच्छता अभियान को मिली व्यापक सफलता किसानों के लिए नई योजना की घोषणा, मिलेगा सीधा लाभ जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का रोमांचक समापन स्थानीय बाजार में सब्जियों के दाम स्थिर, ग्राहकों को राहत लिविंग रूम वास्तु: घर को सुख-समृद्धि से भरने वाले 12 नियम भोपाल सेंट्रल लाइब्रेरी में फायर सुरक्षा मॉक ड्रिल, स्टाफ और पाठकों को मिला प्रशिक्षण यातायात व्यवस्था सुधार के लिए प्रशासन ने उठाए नए कदम सांस्कृतिक कार्यक्रम में उमड़ी दर्शकों की भीड़ शहर में स्वच्छता अभियान को मिली व्यापक सफलता किसानों के लिए नई योजना की घोषणा, मिलेगा सीधा लाभ जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का रोमांचक समापन स्थानीय बाजार में सब्जियों के दाम स्थिर, ग्राहकों को राहत

भोपाल सांसद बोले- ‘Bhopal के बड़ा तालाब में डूबा है प्राचीन नगर’

भोपाल. बड़ा तालाब की अथाह जलराशि में एक प्राचीन नगर डूबा हुआ है। इस दावे के साथ भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने संसद की स्थायी समिति को एक…

📅 6 January 2025, 9:40 pm अपडेट: 16 May 2026
⏱ 1 मिनट पढ़ें
👁 9 पाठक
bada talab

भोपाल.
बड़ा तालाब की अथाह जलराशि में एक प्राचीन नगर डूबा हुआ है। इस दावे के साथ भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने संसद की स्थायी समिति को एक प्रस्ताव दिया है। शहरी मामलों की स्थायी समिति की बैठक में शर्मा ने पानी के भीतर सर्वेक्षण कर इस धरोहर को सामने लाने की वकालत की है। नई दिल्ली स्थित संसद भवन में हुई बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि तालाब के किनारों पर दो बुर्ज और प्राचीन दीवारों के रूप में उस नगर के अवशेष अब भी मौजूद हैं। इसको लेकर वैज्ञानिक अध्ययन और खोज कराई जानी चाहिए, ताकि भोपाल की विरासत पर पड़ा पर्दा उठ सके।

भोपाल राजा-महाराजाओं की नगरी

सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि भोपाल राजा-महाराजाओं की नगरी रही है। यहां 11वीं सदी की धरोहरें हैं। प्राचीन काल से ही इस शहर का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। इनका संरक्षण, संवर्धन और सुंदरीकरण किया जाना चाहिए। बड़ा तालाब में ऐसी धरोहरों के अवशेष मौजूद हैं, जिनको लेकर कई वर्षों से दावे किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ ही इतिहासकार भी समय-समय पर मांग उठाते रहे हैं। इसकी खोज होना बहुत जरूरी है। शर्मा ने कहा कि कई पुरातत्वविद बताते हैं कि इसमें वैदिक नगर बसा हुआ था। गोंड कालीन किले की दीवारें व बुर्ज भी इसके किनारे पर दिखाई देते हैं। ऐसे में इसकी वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराना जरूरी है।

गोंड काल की धरोहरें
पुरातत्वविद पूजा सक्सेना का कहना है, ‘बड़ा तालाब के किनारे जो बुर्ज व दीवारें दिखाई देती हैं, उनके गोंड कालीन होने की संभावना है। संभव है कि बड़ा तालाब के किनारों पर गोंड राजाओं ने महल आदि बनवाया हो। यह सभी अध्ययन और खोज का विषय है। यह बात सही है कि भोपाल में 11वीं सदी की धरोहरों के अवशेष मौजूद हैं।’ इसमें मरीन आर्कियोलॉजी के विशेषज्ञों से पानी के भीतर सर्वे कराना था। विशेषज्ञों की उपलब्धता के अभाव में केंद्र स्तर पर यह प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ। बाद में यह ठंडे बस्ते में चला गया।

featured, मध्य प्रदेश, राज्य, भोपाल, सांसद, बोले-, ‘bhopal, के, बड़ा, तालाब — संक्षेप और और पढ़ें

featured, मध्य प्रदेश, राज्य, भोपाल, सांसद, बोले-, ‘bhopal, के, बड़ा, तालाब के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर featured, मध्य प्रदेश, राज्य, भोपाल, सांसद, बोले-, ‘bhopal, के, बड़ा, तालाब से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।

संबंधित खबरें:

स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

💬

आपकी राय जरूरी है

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया WhatsApp / Telegram पर भेजें — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं, और बेहतर खबरें लाते हैं।

अन्य श्रेणियों से ताज़ा

💬WhatsApp Telegram 📘Facebook