चीन से डेटा खरीदकर रायपुर से विदेशी नागरिकों को ठगी कॉल, गुजरात में हवाला के जरिए पैसा ट्रांसफर, अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा।
रायपुर। साइबर ठगी का नेटवर्क अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुका है। ठग चीन से बेहद कम कीमत पर विदेशी नागरिकों का डेटा खरीदकर भारत के अलग-अलग शहरों से फ्रॉड कॉल कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि अमेरिकी नागरिकों का डेटा महज 3 रुपए प्रति रिकॉर्ड में खरीदा जा रहा है, जबकि कॉलिंग ऑपरेशन रायपुर सहित कई शहरों से संचालित हो रहे हैं। ठगी से प्राप्त रकम हवाला के जरिए गुजरात भेजी जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा है। इसमें डेटा सप्लाई, कॉलिंग, बैंकिंग और हवाला ट्रांजैक्शन के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई है। पुलिस और साइबर सेल इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
चीन से खरीदा जा रहा डेटा
जांच में पता चला है कि ठग चीन स्थित डार्क वेब और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से विदेशी नागरिकों का डेटा खरीद रहे हैं। इस डेटा में फोन नंबर, ईमेल, बैंकिंग जानकारी और अन्य निजी जानकारी शामिल होती है।
ठग इस डेटा को बेहद कम कीमत पर खरीदते हैं और फिर कॉल सेंटर के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। अमेरिकी नागरिकों को टैक्स, बैंकिंग या टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगा जाता है।
रायपुर से संचालित हो रहे कॉल सेंटर
जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि रायपुर में कई स्थानों से फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे थे। यहां से विदेशी नागरिकों को कॉल कर ठगी की जा रही थी।
इन कॉल सेंटरों में युवाओं को अच्छी सैलरी का लालच देकर काम पर रखा जाता था। उन्हें स्क्रिप्ट दी जाती थी और उसी के आधार पर कॉल करने के निर्देश दिए जाते थे।
गुजरात में हवाला के जरिए भेजा जा रहा पैसा
ठगी से मिली रकम को सीधे बैंक खाते में रखने के बजाय हवाला नेटवर्क के जरिए गुजरात भेजा जा रहा था। वहां से रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल हैं।
युवाओं को बनाया जा रहा मोहरा
इस नेटवर्क में बेरोजगार युवाओं को भी शामिल किया जा रहा था। उन्हें कॉलिंग जॉब के नाम पर भर्ती किया जाता था। कई युवाओं को यह भी नहीं पता होता था कि वे ठगी का हिस्सा बन रहे हैं।
पुलिस और साइबर टीम की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। कुछ स्थानों पर छापेमारी भी की गई है। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।
कैसे होती थी ठगी
- विदेशी नागरिकों को कॉल
- बैंक या टैक्स का डर दिखाना
- फर्जी तकनीकी सहायता देना
- ऑनलाइन भुगतान करवाना
- हवाला के जरिए रकम ट्रांसफर
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अज्ञात कॉल और ईमेल से बचने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच
इस मामले में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है। क्योंकि मामला कई देशों से जुड़ा हुआ है।
बढ़ रहा साइबर अपराध
हाल के वर्षों में साइबर अपराध तेजी से बढ़ा है। ठग अब तकनीक का इस्तेमाल कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
निष्कर्ष
चीन से डेटा खरीदकर रायपुर से कॉल और गुजरात में हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर करने वाला यह नेटवर्क साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है। पुलिस की कार्रवाई जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क के और सदस्यों का खुलासा हो सकता है।

