विरात महानगर NEWS आपका शहर · आपकी खबर
📄 ई-पेपर
⚡ ब्रेकिंग
बालोद : सेवा संकल्प अभियान : नमो सेवा अनकही कहानियाँ: महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुति से सेवा भाव का दिया संदेश बालोद : सेवा संकल्प अभियान : जिला स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला आयोजित गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण बलौदाबाजार : 7 एवं 8 अक्टूबर को राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन अम्बिकापुर : राज्य स्तरीय रोजगार मेला 7 एवं 8 अक्टूबर को रायपुर में सेवा मेरा योगदान : दुर्ग में जल संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध चला जन-जागरूकता अभियान भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को हाईएस्ट शुगर रिकवरी के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार विशेष लेख : सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ बालोद : सेवा संकल्प अभियान : नमो सेवा अनकही कहानियाँ: महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुति से सेवा भाव का दिया संदेश बालोद : सेवा संकल्प अभियान : जिला स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेला आयोजित गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मैदानी अमले को मिला प्रशिक्षण बलौदाबाजार : 7 एवं 8 अक्टूबर को राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन अम्बिकापुर : राज्य स्तरीय रोजगार मेला 7 एवं 8 अक्टूबर को रायपुर में सेवा मेरा योगदान : दुर्ग में जल संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध चला जन-जागरूकता अभियान भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को हाईएस्ट शुगर रिकवरी के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार विशेष लेख : सशक्त मातृशक्ति और सुपोषित बचपन से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़

महिलाओं ने रक्तदान कर तोड़ी भ्रांति 1,188 महिलाओं ने रक्तदान कर नई तस्वीर पेश की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में 8 घंटे में सबसे अधिक महिलाओं के रक्तदान का रिकार्ड दर्ज, मुख्यमंत्री को दिया गया प्रमाण पत्र

महिलाओं ने रक्तदान कर तोड़ी भ्रांति 1,188 महिलाओं ने रक्तदान कर नई तस्वीर पेश की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में 8 घंटे में सबसे अधिक महिलाओं के रक्तदान का रिकार्ड दर्ज, मुख्यमंत्री को दिया गया प्रमा

📅 24 September 2026, 3:51 pm प्रकाशित: 24 September 2026
⏱ 1 मिनट पढ़ें
महिलाओं ने रक्तदान कर तोड़ी भ्रांति 1,188 महिलाओं ने रक्तदान कर नई तस्वीर पेश की गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में 8 घंटे में सबसे अधिक महिलाओं के रक्तदान का रिकार्ड दर्ज, मुख्यमंत्री को दिया गया प्रमाण पत्र

महिलाओं ने रक्तदान कर तोड़ी भ्रांति

1,188 महिलाओं ने रक्तदान कर नई तस्वीर पेश की

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में 8 घंटे में सबसे अधिक महिलाओं के रक्तदान का रिकार्ड दर्ज, मुख्यमंत्री को दिया गया प्रमाण पत्र

रायपुर 23 सितंबर 2026/ रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में बुधवार को जब महिलाएं रक्तदान के लिए कतार में खड़ी हुईं, तो यह दृश्य केवल एक रक्तदान शिविर का नहीं था। यह उन धारणाओं के टूटने का दृश्य था, जिनके कारण लंबे समय से महिलाओं के बीच रक्तदान को लेकर झिझक और कई तरह की भ्रांतियां बनी रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और सेवा महाकुंभ के रूप में आयोजित इस बड़े आयोजन में स्वास्थ्य, सेवा और जनभागीदारी एक साथ दिखाई दी। 

इस शिविर में रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। आयोजन में 2548 लोगों ने रक्तदान किया जिसमें 1188 महिलाओं की विशेष भागीदारी से एक नई तस्वीर सामने आई। इस विशेष रक्तदान अभियान को महिलाओं द्वारा आठ घंटे में सर्वाधिक रक्तदान के प्रयास के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया और मुख्यमंत्री को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रमाण-पत्र में इस उपलब्धि को ’आठ घंटे में महिलाओं का सबसे बड़ा रक्तदान अभियान’ के रूप में दर्ज किया गया है।   रक्तदान के लिए पहले से ही महिलाओं और पुरुषों ने बड़े पैमाने पर पंजीयन कराया था। लेकिन इस आयोजन की असली कहानी केवल संख्या में नहीं है। इसकी असली कहानी उस सोच में बदलाव की है, जिसमें महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य को लेकर मौजूद आशंकाओं के बावजूद जांच कराई और पात्र पाए जाने पर रक्तदान के लिए आगे आईं। खासकर एनीमिया को लेकर समाज में मौजूद धारणाओं के बीच महिलाओं का यह कदम स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा दोनों का संदेश देता है।

*महिलाओं ने कहा कि रक्तदान करने से हुई खुशी*  रक्तदान करने पहुंची मोतिम साहू ने कहा कि रक्तदान करने के बाद उन्हें बहुत खुशी हुई। इस आयोजन में शामिल होकर उन्हें लगा कि अपने रक्त के जरिए किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में योगदान देने का अवसर मिला है। 

कौशल्या धृतलहरे ने कहा, मन में संतोष है। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से रक्तदान करके उन्हें बहुत संतोष मिला और इतने बड़े सेवा आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए खुशी की बात है। सुनैना सोनी ने कहा कि दूसरी महिलाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और मुझे रक्तदान करके खुशी हुई और उम्मीद है कि मेरे इस छोटे से प्रयास से दूसरी महिलाएं भी आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित होंगी। 

यह आयोजन केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में पुरुषों ने भी स्वेच्छा से रक्तदान किया और सेवा अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। आयोजन में कुल 3 हजार से अधिक लोगों के रक्तदान की जानकारी सामने आई है। कमलेश साहू ने कहा कि स्वेच्छा से रक्तदान करना उनके लिए सेवा का अवसर है और इस बड़े आयोजन में शामिल होकर उन्हें विशेष खुशी हुई। इधर, कामता प्रताप ने कहा कि रक्त किसके काम आएगा यह पता नहीं है, लेकिन यह विश्वास जरूर है कि जरूरतमंद तक पहुंचकर यह किसी की जिंदगी बचाने में काम आएगा।

स्रोत: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन

💬

आपकी राय जरूरी है

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया WhatsApp / Telegram पर भेजें — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं, और बेहतर खबरें लाते हैं।

अन्य श्रेणियों से ताज़ा

💬WhatsApp Telegram 📘Facebook