राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रूपए का स्मारक सिक्का, संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज और छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के, पढ़ें पूरी जानकारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रूपए का स्मारक सिक्का, संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज और छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा बने साक्षी रायपुर। — विराट महानगर के लिए विशेष रिपोर्ट।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रूपए का स्मारक सिक्का, संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज और छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा बने साक्षी रायपुर। — विराट महानगर के लिए विशेष रिपोर्ट।

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया गया यह स्मारक सिक्का देश-विदेश में बसे करोड़ों सिंधी धर्मावलंबियों के लिए गौरव का विषय है। माता साहिब हासी देवी के आध्यात्मिक योगदान और उनके उच्च विचारों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। कार्यक्रम के दौरान पूज्य शदाणी दरबार के वर्तमान पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के महासचिव और ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा सहित देशभर से आए सिंधी समाज के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

इस विशेष स्मारक सिक्के की तकनीकी विशेषताओं की बात करें तो यह 35 ग्राम वजनी और 44 मिलीमीटर व्यास का है। सिक्के के निर्माण में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण किया गया है। सिक्के के एक हिस्से पर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष, ‘सत्यमेव जयते’ और मूल्यवर्ग अंकित है, जबकि दूसरी ओर माता साहिब हासी देवी की छवि उकेरी गई है। सिक्के पर उनका नाम देवनागरी और अंग्रेजी दोनों लिपियों में लिखा गया है और साथ ही उनकी जन्म शताब्दी के वर्ष 1826 और 2026 भी दर्ज किए गए हैं, जो शदाणी दरबार की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं।


समारोह में राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी और मोतीलाल साहू सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि शदाणी दरबार का छत्तीसगढ़ और सिंधी समाज में गहरा आध्यात्मिक प्रभाव है। संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी महाराज को पूर्व में अयोध्या राम मंदिर भूमिपूजन के लिए भी आमंत्रित किया गया था, जो इस पीठ की महत्ता को प्रमाणित करता है। अब राष्ट्रपति के हाथों माता हासी देवी के सम्मान में सिक्का जारी होना इस आध्यात्मिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान प्रदान करता है।

अपने रायपुर प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी। वे इंडोर स्टेडियम में आयोजित रक्तदान महाकुंभ में शामिल होकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करेंगी और इसके पश्चात भगवान जगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। शाम को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राजकीय रात्रिभोज में सम्मिलित होने के बाद, शुक्रवार को वे बस्तर के जगदलपुर का दौरा करेंगी। वहां वे ऐतिहासिक बस्तर दशहरे से जुड़ी ‘मुरिया दरबार’ परंपरा में शामिल होंगी और लालबाग मैदान में एक विशाल आमसभा को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों को मजबूती प्रदान करने वाला माना जा रहा है।
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