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मुर्शिदाबाद में वक्फ अधिनियम के विरोध में हिंसा: 3 की मौत, 110 गिरफ्तार

📑 इस लेख मेंपश्चिम बंगाल। मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने 110 से अधिक…

📅 12 April 2025, 2:24 pm अपडेट: 16 May 2026
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Close-up of reading glasses resting on a stack of newspapers, symbolizing knowledge and study.

पश्चिम बंगाल। मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।​

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक पिता-पुत्र की जोड़ी शामिल है। पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।


हिंसा की शुरुआत और घटनाक्रम

शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन किया। मुर्शिदाबाद के सुती और शमशेरगंज इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को जाम कर दिया, पुलिस पर पथराव किया, और पुलिस वैन व सार्वजनिक बसों को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बम जैसे विस्फोटक पदार्थ फेंके, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। कुछ पुलिसकर्मियों को पास की मस्जिद में शरण लेनी पड़ी।

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️ हताहत और गिरफ्तारियां

हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। शमशेरगंज प्रखंड के जाफराबाद में एक पिता-पुत्र की जोड़ी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। उनके शरीर पर कई चाकू के घाव पाए गए। ​

पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। सुती से लगभग 70 और शमशेरगंज से 41 लोगों को हिरासत में लिया गया है।


️ प्रशासनिक कार्रवाई

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। बीएसएफ को भी तैनात किया गया है। ​

Murshidabad Violence
मुर्शिदाबाद में वक्फ अधिनियम के विरोध में हिंसा: 3 की मौत, 110 गिरफ्तार 3

️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह कानून केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया है और राज्य सरकार इसे लागू नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं किया जाएगा।”

वहीं, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार स्थिति को संभालने में असमर्थ है, तो उसे केंद्र से मदद मांगनी चाहिए। ​


निष्कर्ष

मुर्शिदाबाद में वक्फ अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह स्थिति को शीघ्र नियंत्रित करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर समाधान निकालना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।​


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