जगदलपुर बालाजी वेंकटेश्वर मंदिर की रजत जयंती 26 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक स्वर्ण कलश पूजन और धार्मिक आयोजनों के साथ हर्षोल्लास से मनाई जा रही है।
जगदलपुर | जगदलपुर स्थित श्री बालाजी वेंकटेश्वर मंदिर की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर रजत जयंती महोत्सव 26 जनवरी 2026 से 1 फरवरी 2026 तक श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्ति, आस्था और उल्लास के रंग में रंगा नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री बालाजी के दर्शन एवं विशेष पूजन में शामिल होने पहुंच रहे हैं।

रजत जयंती महोत्सव का सबसे विशेष आकर्षण भक्तों और मंदिर समिति के सहयोग से निर्मित एक किलो शुद्ध सोने का स्वर्ण कलश रहा। विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में स्वर्ण कलश पूजन संपन्न कराया गया। यह धार्मिक एवं ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावनात्मक और आस्था से जुड़ा क्षण बन गया।
मंदिर समिति के अनुसार यह स्वर्ण कलश निर्माण मंदिर के 25 वर्षों की सेवा, समर्पण और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
रजत जयंती समारोह में छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंघम, भिलाई-रायपुर बक्सीपल्ली संघम, श्री नीलकंठेश्वर चैतन्य सेवा समिति भिलाई, जय अग्निकुल क्षत्रिय तेलुगु समाज कल्याण समिति सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह में श्री आर. मुरली, श्री गणेश राव, श्री आर. मोहन राव, एम. शेखर राव, श्री के. यादेश्वर राव, श्री सन्मुख राव, श्री जग्गनाथ राव, श्री दिनेश, श्री झावेंद्र, श्री प्रभाकर राव, श्री संतोष राव, वीरेंद्र तथा बालाजी फिल्म्स के प्रोडक्शन डायरेक्टर श्री एस. गणेश अपनी टीम के साथ शामिल हुए।
जगदलपुर बालाजी वेंकटेश्वर मंदिर समिति द्वारा सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। उनके ठहरने, भोजन और आवागमन सहित सभी व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सम्मानपूर्वक की गईं। समिति के सदस्यों की सेवा भावना, आत्मीय व्यवहार और अनुशासित आयोजन व्यवस्था की सभी आगंतुकों ने खुले दिल से प्रशंसा की।
इस अवसर पर रायपुर-भिलाई तेलुगु समाज की ओर से मंदिर समिति के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जगदलपुर में इस भव्य धार्मिक आयोजन से न केवल आस्था मजबूत हुई है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी सुंदर संदेश मिला है।
समाज के प्रतिनिधियों ने भगवान श्री बालाजी से मंदिर की निरंतर उन्नति, क्षेत्र में शांति, सौहार्द, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विशेष पूजन, अभिषेक, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु दूर-दराज क्षेत्रों से भी मंदिर पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। आयोजन की भव्यता और अनुशासन ने इस महोत्सव को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया है।

