गणतंत्र दिवस पर मौलाना आज़ाद केंद्रीय पुस्तकालय भोपाल में युवाओं ने पौधारोपण, हस्ताक्षर अभियान और मिशन लाइफ के 7 संकल्प लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
भोपाल (मध्यप्रदेश)। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर शासकीय मौलाना आज़ाद केंद्रीय पुस्तकालय, भोपाल में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद मोहम्मद वसीम उद्दीन एवं क्षेत्रीय ग्रंथपाल रत्ना वाधवानी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सलामी दी और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर पुस्तकालय परिसर में अध्ययनरत युवाओं और सदस्यों ने मिलकर “धरती माता करे पुकार, पेड़ लगाकर करो उसका श्रृंगार” का नारा लगाते हुए पौधारोपण किया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि तीन पन्नी प्लास्टिक और पॉलिथीन पर्यावरण के सबसे बड़े दुश्मन हैं, जिनका बहिष्कार बेहद जरूरी है।
मिशन लाइफ के तहत हस्ताक्षर अभियान
कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय में मिशन लाइफ (LiFE – Lifestyle for Environment) के अंतर्गत हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 250 पुस्तकालय सदस्यों ने पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। सभी सदस्यों ने व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों से प्रकृति संरक्षण का संकल्प दोहराया।
मिशन लाइफ के 7 प्रमुख संकल्प
हस्ताक्षर अभियान के दौरान युवाओं ने मिशन लाइफ के निम्न 7 उद्देश्यों को अपनाने का संकल्प लिया—
- ऊर्जा की बचत
- पानी का संरक्षण
- एकल-उपयोग प्लास्टिक का बहिष्कार
- टिकाऊ एवं सतत खाद्य प्रणाली को अपनाना
- ठोस अपशिष्ट को कम करना
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाना
- ई-कचरे को कम करना
पौधारोपण और पक्षियों के लिए सकोरे
गणतंत्र दिवस के मौके पर पुस्तकालय परिसर में बड़ी संख्या में युवाओं ने पौधारोपण किया। इसके साथ ही गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए सकोरे भी लगाए गए, ताकि जीव-जंतुओं के संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक पहल की जा सके।
चयनित युवाओं का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय के नियमित अध्ययनरत सदस्य—
- हर्ष रावत
- कैलाश गौतम
- तपन बिहारी
- नीरज तिवारी
को विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयनित होने पर क्षेत्रीय ग्रंथपाल रत्ना वाधवानी द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना।
बड़ी संख्या में रहे छात्र उपस्थित
इस आयोजन में स्थानीय परिषद के प्रतिनिधियों, पुस्तकालय स्टाफ सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए इसे हर नागरिक का कर्तव्य बताया।

