विरात महानगर NEWS आपका शहर · आपकी खबर
📄 ई-पेपर
⚡ ब्रेकिंग
मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली में बदलाव से पाएं स्थायी समाधान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के बीच रविवार रात हुई वार्ता के बाद सरकारी बैंक, पढ़ें पूरी जानकारी रायपुर में 28 सितंबर को निकलेगी गणेश विसर्जन झांकी: शाम 7 बजे से इन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध, घर से निकलने से पहले देखें ट्रैफिक एडवाइजरी, पढ़ें पूरी जानकारी नींद की कमी: कारण, गंभीर असर और 12 प्रभावी समाधान एफडी बनाम म्यूचुअल फंड: निवेश के लिए कौन सा विकल्प बेहतर? एसबीआई और पीएनबी ग्राहकों के लिए जरूरी खबर हड़ताल के कारण 25 सितंबर तक पूरे कर लें बैंक के काम स्व. विजय चौधरी की स्मृति में अमृतसर रवाना हुआ 200 श्रद्धालुओं का जत्था, रायपुर स्टेशन पर दिखा उत्साह बालोद : सेवा संकल्प अभियान : नमो सेवा अनकही कहानियाँ: महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुति से सेवा भाव का दिया संदेश मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली में बदलाव से पाएं स्थायी समाधान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के बीच रविवार रात हुई वार्ता के बाद सरकारी बैंक, पढ़ें पूरी जानकारी रायपुर में 28 सितंबर को निकलेगी गणेश विसर्जन झांकी: शाम 7 बजे से इन मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध, घर से निकलने से पहले देखें ट्रैफिक एडवाइजरी, पढ़ें पूरी जानकारी नींद की कमी: कारण, गंभीर असर और 12 प्रभावी समाधान एफडी बनाम म्यूचुअल फंड: निवेश के लिए कौन सा विकल्प बेहतर? एसबीआई और पीएनबी ग्राहकों के लिए जरूरी खबर हड़ताल के कारण 25 सितंबर तक पूरे कर लें बैंक के काम स्व. विजय चौधरी की स्मृति में अमृतसर रवाना हुआ 200 श्रद्धालुओं का जत्था, रायपुर स्टेशन पर दिखा उत्साह बालोद : सेवा संकल्प अभियान : नमो सेवा अनकही कहानियाँ: महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुति से सेवा भाव का दिया संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने माननीयों को सिखाया विरोधियों से बात करने का तरीका, राजद नेता याचिका पर सुनवाई में की टिप्पणी

नई दिल्ली। विधानसभाओं और संसद में लगातार हो रही कटुतापूर्ण कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा कि ऐसा लगता…

📅 7 January 2025, 1:10 am अपडेट: 16 May 2026
⏱ 1 मिनट पढ़ें
👁 9 पाठक
Desh 12 1

नई दिल्ली।

विधानसभाओं और संसद में लगातार हो रही कटुतापूर्ण कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा कि ऐसा लगता है कि विधायक यह भूल गए हैं कि कड़ा विरोध जताते समय या विरोधियों की आलोचना करते समय कैसे सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।

यह टिप्पणी जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन के सिंह की पीठ ने राजद नेता सुनील कुमार सिंह की रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिका में बिहार विधान परिषद के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें बजट सत्र के दौरान कथित कदाचार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नकल करने के कारण उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया गया था।

सम्मान के साथ हो कटु आलोचना
सुप्रीम कोर्ट ने सिंह की टिप्पणियों को प्रथम दृष्टया अस्वीकार करते हुए कहा कि सम्मानित सदनों के सदस्यों को दूसरों के कटु आलोचक होते हुए भी उनका सम्मान करना चाहिए। सुनील कुमार सिंह के वकील ए एम सिंघवी ने कहा कि भले ही मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन चुनाव आयोग ने सिंह की खाली हुई सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा की है और आशंका जताई है कि इससे भ्रम की स्थिति पैदा होगी।

चुनाव पर रोक लगाने की मांग
सिंघवी ने कहा कि अगर चुनाव होते हैं और कोई और निर्वाचित होता है और उसी समय सुप्रीम कोर्ट सिंह के निष्कासन को रद्द कर देता है, तो इससे एक ही सीट के लिए दो निर्वाचित उम्मीदवारों के होने की असंगत स्थिति पैदा होगी। उन्होंने अनुरोध किया कि सुप्रीम कोर्ट को इस महीने के अंत में होने वाले चुनावों पर रोक लगा देनी चाहिए।

'क्या आप ऐसी भाषा का समर्थन करते हैं?'
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव स्थगित करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि वह सिंह की रिट याचिका पर अंतिम सुनवाई 9 जनवरी को करेगा। सिंघवी ने कहा कि सदन के अंदर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को व्यापक छूट दी गई है। पीठ ने कहा कि इस तरह से सदन के अंदर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल किया जाता है? आप (सिंघवी) भी संसद सदस्य हैं। क्या आप सदन के अंदर विरोधियों के खिलाफ ऐसी भाषा के इस्तेमाल का समर्थन करते हैं? सिंघवी ने कहा कि वह ऐसी भाषा का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन ऐसी भाषा के इस्तेमाल के लिए निष्कासन से विपक्ष की बेंच खाली हो जाएगी। एक अन्य एमएलसी की तरफ से भी इसी तरह की भाषा के इस्तेमाल के लिए, उन्हें केवल निलंबित किया गया था। लेकिन सिंह के मामले में, यह निष्कासन था।

26 जुलाई को किया गया था निष्कासित
विधान परिषद की आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिंह को हटाने की संस्तुति करते हुए कहा था कि "विपक्ष के मुख्य सचेतक होने के नाते उनकी विधायी जिम्मेदारी और नियमों और विनियमों का पालन दूसरों से अधिक होना चाहिए। लेकिन उनका व्यवहार इसके विपरीत था। वेल में आकर उन्होंने अनर्गल नारे लगाए, सदन की कार्यवाही में बाधा डाली। अध्यक्ष के निर्देश का अनादर किया। सदन के नेता के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। उन्हें अपमानित करने की कोशिश की और एक तरह से विधान परिषद की गरिमा को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के आधार पर सिंह को 26 जुलाई को निष्कासित कर दिया गया।

देश, सुप्रीम, कोर्ट, ने, माननीयों, को, सिखाया, विरोधियों, से, बात — संक्षेप और और पढ़ें

देश, सुप्रीम, कोर्ट, ने, माननीयों, को, सिखाया, विरोधियों, से, बात के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर देश, सुप्रीम, कोर्ट, ने, माननीयों, को, सिखाया, विरोधियों, से, बात से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।

संबंधित खबरें:

स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

💬

आपकी राय जरूरी है

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया WhatsApp / Telegram पर भेजें — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं, और बेहतर खबरें लाते हैं।

अन्य श्रेणियों से ताज़ा

💬WhatsApp ✈Telegram 📘Facebook