प्रदेश के टाइगर रिजर्व में रात में वाहनों की नो एंट्री
रायपुर। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में अब रात के समय वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। इस संबंध में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने सख्त आदेश जारी किया है। आदेश के तहत सूर्यास्त से सूर्योदय तक टाइगर रिजर्व क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निजी या व्यावसायिक वाहनों की एंट्री नहीं होगी।
एनटीसीए के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना और सड़क दुर्घटनाओं में हो रही वन्यजीवों की मौत को रोकना है। कई टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में रात के समय तेज रफ्तार वाहनों से वन्यजीवों के कुचलने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व पर भी लागू होगा आदेश
एनटीसीए का यह आदेश छत्तीसगढ़ के प्रमुख टाइगर रिजर्व—
- उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व
- अचानकमार टाइगर रिजर्व
पर भी प्रभावी होगा। इन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले राज्य और ग्रामीण मार्गों पर रात के समय वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। केवल आपातकालीन सेवाओं और वन विभाग की अनुमति प्राप्त वाहनों को ही सीमित छूट दी जा सकती है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार रात के समय बाघ, तेंदुआ, हिरण, भालू सहित कई प्रजातियां सड़कों के आसपास सक्रिय रहती हैं। वाहनों की तेज रोशनी और शोर से जानवरों का व्यवहार प्रभावित होता है, जिससे न केवल दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है बल्कि उनका प्राकृतिक जीवन चक्र भी बाधित होता है।
एनटीसीए का मानना है कि रात में ट्रैफिक बंद करने से बाघों का मूवमेंट सुरक्षित होगा, उनका तनाव कम होगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आएगी।
पर्यावरणविदों ने किया फैसले का स्वागत
पर्यावरणविदों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संगठनों ने इस आदेश का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम बाघ संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारत में पहले ही कई टाइगर रिजर्व में यह व्यवस्था लागू है, जिससे बाघों की संख्या बढ़ाने में मदद मिली है।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित जिलों के कलेक्टर और पुलिस विभाग को भी आदेश के पालन के निर्देश दिए गए हैं।

