विरात महानगर NEWS आपका शहर · आपकी खबर
📄 ई-पेपर
⚡ ब्रेकिंग
बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम: घर में सुख-समृद्धि के लिए रखें इन बातों का ध्यान क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड: फायदे-नुकसान और कौन सा है बेहतर विकल्प | विरात महानगर बैंक PO तैयारी: सफलता का पूरा प्लान और सटीक रणनीति मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें नियंत्रित बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें प्रबंधित SSC CGL 2026: परीक्षा की तैयारी के लिए संपूर्ण गाइड और रणनीति घर के मुख्य द्वार वास्तु: 12 अचूक नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम: घर में सुख-समृद्धि के लिए रखें इन बातों का ध्यान क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड: फायदे-नुकसान और कौन सा है बेहतर विकल्प | विरात महानगर बैंक PO तैयारी: सफलता का पूरा प्लान और सटीक रणनीति मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें नियंत्रित बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें प्रबंधित SSC CGL 2026: परीक्षा की तैयारी के लिए संपूर्ण गाइड और रणनीति घर के मुख्य द्वार वास्तु: 12 अचूक नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि

बंदर ने मां की गोद से 20 दिन की नवजात को छीना, कुएं में फेंका, डायपर और ग्रामीणों की बहादुरी से बची जान

📑 इस लेख मेंजांजगीर में बंदर ने 20 दिन की नवजात को कुएं में फेंका, डायपर और ग्रामीणों की बहादुरी से बच्ची की जान चमत्कारिक रूप से बच…

📅 22 January 2026, 6:22 pm अपडेट: 16 May 2026
⏱ 1 मिनट पढ़ें
123453

जांजगीर में बंदर ने 20 दिन की नवजात को कुएं में फेंका, डायपर और ग्रामीणों की बहादुरी से बच्ची की जान चमत्कारिक रूप से बच गई।

जांजगीर-चांपा | नैला। जांजगीर-चांपा जिले के नैला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिवनी में मंगलवार दोपहर एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक बंदर ने मां की गोद से 20 दिन की दूधमुंही नवजात बच्ची को छीनकर पास ही स्थित कुएं में फेंक दिया। हालांकि, चमत्कारिक रूप से बच्ची की जान बच गई। डायपर के सहारे पानी पर तैरती बच्ची को ग्रामीणों ने समय रहते बाहर निकाल लिया।

यह घटना न केवल इंसानी संवेदनाओं को झकझोरने वाली है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बंदरों के बढ़ते आतंक पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।


मां की गोद से झपट्टा मारकर छीनी बच्ची

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिवनी निवासी सुनीता राठौर मंगलवार दोपहर अपने घर के बाहर 20 दिन की नवजात बच्ची को गोद में लेकर टहल रही थीं। उसी समय घर की छत पर 4 से 5 बंदर उछल-कूद कर रहे थे।

अचानक उनमें से एक बंदर ने झपट्टा मारते हुए मां की गोद से बच्ची को छीन लिया। मां कुछ समझ पाती, उससे पहले ही बंदर बच्ची को लेकर भागा और पास ही स्थित एक खुले कुएं में उसे फेंक दिया।

इस भयावह दृश्य को देखकर मां चीख पड़ी और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।


गांव में मची अफरा-तफरी, बंदर भगाने की कोशिश

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। लोगों ने—

  • पटाखे फोड़े
  • शोर मचाया
  • लाठी-डंडे लेकर बंदर को भगाने की कोशिश की

लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची कुएं में गिर चुकी थी और पानी में तैर रही थी।


डायपर बना लाइफ जैकेट, बच गई मासूम की जान

इस पूरी घटना का सबसे चमत्कारी पहलू यह रहा कि बच्ची के पहने हुए डायपर ने लाइफ जैकेट का काम किया। डायपर में फंसी हवा के कारण बच्ची पानी की सतह पर तैरती रही और डूबी नहीं।

ग्रामीणों ने बिना देर किए—

  • रस्सी और बाल्टी का इंतजाम किया
  • कुछ लोग कुएं में उतरने की कोशिश करने लगे
  • सावधानीपूर्वक बच्ची को बाहर निकाला

कुछ ही मिनटों में बच्ची को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया।


मौके पर पहुंची नर्स ने दिया जीवनदान

इसी दौरान संयोग से कथा सुनने आई एक नर्स भी मौके पर पहुंच गईं। बच्ची को बाहर निकालते समय उसकी सांसें बेहद धीमी हो चुकी थीं।

नर्स ने बिना समय गंवाए—

  • तुरंत CPR दिया
  • प्राथमिक उपचार किया
  • सांस बहाल करने की कोशिश की

कुछ ही देर में बच्ची की सांस दोबारा चल पड़ी। ग्रामीणों और परिजनों ने राहत की सांस ली।


अस्पताल में भर्ती, हालत अब स्थिर

घटना के तुरंत बाद बच्ची को जांजगीर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका उपचार शुरू किया।

डॉक्टरों ने बताया कि—

  • बच्ची की हालत अब स्थिर है
  • वह खतरे से बाहर है
  • लगातार निगरानी में रखा गया है

डॉक्टरों के अनुसार समय पर बाहर निकालना और तुरंत CPR मिलना उसकी जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ।


ग्रामीण इलाकों में बंदरों का बढ़ता आतंक

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बंदरों के बढ़ते आतंक को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार—

  • बंदर आए दिन घरों में घुस आते हैं
  • बच्चों और महिलाओं पर झपट्टा मारते हैं
  • फसलें और घरेलू सामान नुकसान करते हैं

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था की जाए
  • गांव में सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं
  • खुले कुओं को ढकने की व्यवस्था हो

ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


प्रशासन से की गई तत्काल कार्रवाई की मांग

घटना की सूचना नैला थाना पुलिस को भी दी गई है। प्रशासन ने मामले की जानकारी लेकर वन विभाग और नगर पंचायत को बंदरों के नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने की बात कही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बंदरों की संख्या और उनके आतंक पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आगे और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।


निष्कर्ष

मां की गोद से छिनकर कुएं में गिरी 20 दिन की नवजात का बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। डायपर का तैरना, ग्रामीणों की तत्परता और नर्स की सूझबूझ ने एक मासूम की जान बचा ली। यह घटना जहां इंसानी साहस की मिसाल है, वहीं प्रशासन के लिए चेतावनी भी है कि वन्यजीव और मानव के टकराव को गंभीरता से लिया जाए।

cg news, Virat News, छत्तीसगढ़, बंदर, ने, मां, की, गोद, से, दिन — संक्षेप और और पढ़ें

cg news, Virat News, छत्तीसगढ़, बंदर, ने, मां, की, गोद, से, दिन के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर cg news, Virat News, छत्तीसगढ़, बंदर, ने, मां, की, गोद, से, दिन से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।

संबंधित खबरें:

स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

💬

आपकी राय जरूरी है

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया WhatsApp / Telegram पर भेजें — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं, और बेहतर खबरें लाते हैं।

अन्य श्रेणियों से ताज़ा

💬WhatsApp Telegram 📘Facebook