मोपेड से रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार योगेश यादव को रविकांत कौशिक स्मृति सम्मान मिला, समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे मौजूद।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता जगत के लिए यह गौरव का क्षण रहा, जब जमीनी पत्रकारिता की मिसाल बन चुके “मोपेड वाला पत्रकार” योगेश यादव को रविकांत कौशिक स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। इस गरिमामय समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने योगेश यादव की मेहनत, सादगी और संघर्ष की खुले दिल से सराहना की।
योगेश यादव ने यह सिद्ध कर दिया कि बड़े संसाधन, महंगे वाहन या किसी बड़े मीडिया संस्थान का नाम ही सफलता की गारंटी नहीं होता। अगर जज़्बा मजबूत हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सीमित साधनों से भी असाधारण मुकाम हासिल किया जा सकता है। आज भी योगेश यादव के पास केवल एक मोपेड है और उसी मोपेड पर सवार होकर वे हर दिन खबरों की तलाश में निकल पड़ते हैं। यही कारण है कि वे आज छत्तीसगढ़ के सबसे तेज़ और भरोसेमंद रिपोर्टरों में शुमार किए जाते हैं।
छोटे गांव से बड़ी पहचान तक का सफर
योगेश यादव का सफर किसी प्रेरक कहानी से कम नहीं है। वे छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव फरहदा से आते हैं। प्रारंभिक संघर्षों के बावजूद उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्होंने किसी बड़े चैनल का इंतजार करने के बजाय अपने दम पर डिजिटल पत्रकारिता की राह चुनी और एक YouTube चैनल की शुरुआत की।
आज उनका यह चैनल प्रदेश में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। वर्तमान में उनके YouTube चैनल पर 4 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं, जबकि Instagram पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स उनसे जुड़े हुए हैं। रायपुर में उनका चैनल सबसे तेज़ी से देखे जाने वाले डिजिटल न्यूज़ चैनलों में शामिल हो चुका है।
सम्मान समारोह में नेताओं और पत्रकारों की मौजूदगी
सम्मान समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने योगेश यादव को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि योगेश यादव नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा हैं, जो बिना किसी दबाव और बिना किसी समझौते के सच को सामने लाने का साहस रखते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डिजिटल मीडिया के इस दौर में योगेश यादव जैसे पत्रकार यह साबित कर रहे हैं कि जमीनी रिपोर्टिंग की अहमियत आज भी उतनी ही है। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि योगेश यादव की सादगी और समर्पण उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।
स्थानीय पत्रकारों ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर खरोरा क्षेत्र के पत्रकार बृज अग्रवाल, भरत कुम्हकार, गजेंद्र वर्मा, सूरज सोनी, श्याम अग्रवाल, निलेश गोयल, संदीप छाबड़ा, देवेंद्र पंसारी, अनिल मोटवानी, सुमित सेन, वकार आलम, रमेश शर्मा, सचिन अग्रवाल सहित अनेक पत्रकार साथी उपस्थित रहे। सभी ने योगेश यादव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संघर्ष, सादगी और सफलता की मिसाल
योगेश यादव की कहानी यह संदेश देती है कि पत्रकारिता केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन है। मोपेड पर खबरों के पीछे दौड़ने वाला यह पत्रकार आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। उनका यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि ईमानदार और निर्भीक पत्रकारिता की जीत भी है।

