SIR कार्य में कर्मी-अफसरों की तैनाती से तहसीलों का कामकाज प्रभावित, प्रदेशभर में 1 लाख से अधिक राजस्व मामलों की सुनवाई ठप।
रायपुर। राज्य में चल रहे विशेष प्रशासनिक कार्य (SIR) में बड़ी संख्या में राजस्व कर्मियों और अधिकारियों की तैनाती से तहसीलों का नियमित कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात यह हैं कि प्रदेशभर की तहसीलों में एक लाख से अधिक राजस्व मामलों की सुनवाई ठप पड़ी हुई है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू/रिकॉर्ड) कार्य के लिए पटवारी, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को बड़े पैमाने पर लगाया गया है। इसके चलते तहसीलों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की नियमित सुनवाई नहीं हो पा रही है।
राज्य के कई जिलों में स्थिति यह है कि सप्ताहों से राजस्व अदालतें नहीं लग पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान और आम नागरिक तारीख पर तारीख मिलने से परेशान हैं। कई मामलों में जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिलने के कारण सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ रहा है।
राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में लंबित मामलों की संख्या एक लाख के पार पहुंच चुकी है। इनमें से अधिकांश प्रकरण ऐसे हैं, जिनका निपटारा तय समय सीमा में किया जाना था। लेकिन कर्मचारियों की कमी और अधिकारियों की अनुपलब्धता के चलते फाइलें लंबित होती जा रही हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि SIR जैसे विशेष अभियानों के लिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था किए बिना तहसील स्तर के कर्मचारियों को हटाना प्रशासनिक दृष्टि से सही नहीं है। इससे एक ओर अभियान का दबाव बढ़ता है, तो दूसरी ओर नियमित प्रशासनिक काम ठप हो जाता है।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि SIR कार्य सरकार की प्राथमिकता है और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना है कि तहसीलों में बढ़ते लंबित मामलों को लेकर जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
इस स्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि बिना ठोस योजना के कर्मचारियों की तैनाती से आम जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है। विपक्ष ने मांग की है कि SIR कार्य के लिए अलग टीम बनाई जाए और तहसीलों का कामकाज सामान्य किया जाए।
ग्रामीण इलाकों के लोगों का कहना है कि वे कई बार तहसील के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। इससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। कई मामलों में तो जमीन से जुड़े विवाद लंबित रहने के कारण आपसी तनाव भी बढ़ रहा है।
राजस्व विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही तहसीलों में नियमित सुनवाई शुरू नहीं की गई, तो लंबित मामलों का बोझ और बढ़ेगा। इसके लिए या तो SIR कार्य को चरणबद्ध किया जाए या अतिरिक्त मानव संसाधन की व्यवस्था की जाए।
अब देखना यह है कि सरकार इस प्रशासनिक संकट से कैसे निपटती है और क्या आम जनता को जल्द राहत मिल पाती है या नहीं।
25 शब्दों का विवरण (Description)
SIR कार्य में कर्मी-अफसरों की तैनाती से तहसीलों का कामकाज प्रभावित, प्रदेशभर में 1 लाख से अधिक राजस्व मामलों की सुनवाई ठप।
SEO Keywords
SIR duty impact, तहसील कामकाज ठप, Raipur revenue news, Chhattisgarh tehsil cases, SIR work officers, revenue case hearing delay, land dispute pending cases
Tags
#TehsilNews
#ChhattisgarhNews
#RaipurNews
#RevenueDepartment
#SIRDuty
#AdministrativeIssue
#PublicProblem
#HindiNews
#BreakingNews
#LandCases

