रिटायर्ड डॉक्टर से 1.25 करोड़ की धोखाधड़ी: क्रेडिट कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर ठगे, तीन आरोपी गिरफ्तार
राजधानी में एक सेवानिवृत्त डॉक्टर 1.25 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है।
राजधानी में एक सेवानिवृत्त डॉक्टर 1.25 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है।
राजधानी में एक सेवानिवृत्त डॉक्टर 1.25 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। जालसाजों ने उन्हें क्रेडिट कार्ड से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर अपने झांसे में लिया और उनसे करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब डॉक्टर साहब को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक या सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताया और उन्हें उनके क्रेडिट कार्ड से कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। जालसाजों ने डॉक्टर को लगातार धमकाया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि यदि वे तुरंत पैसे ट्रांसफर नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी दबाव में आकर डॉक्टर ने अलग-अलग खातों में कई बार पैसे भेजे।
डॉक्टर की शिकायत के बाद, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू की। साइबर सेल की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से जालसाजों का पता लगाया। गहन छानबीन के बाद, पुलिस ने दिल्ली और आसपास के इलाकों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इन आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे साइबर ठगों से सावधान रहें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी न दें। यदि कोई आपको बैंक, पुलिस या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर पैसे की मांग करता है या डराता है, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें। याद रखें, कोई भी बैंक या सरकारी संस्था फोन पर आपसे गोपनीय जानकारी या पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती।







