रात में प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम बंद रखने वाले 30 प्लांट सील, बिजली काटी गई, पर्यावरण विभाग की कार्रवाई से उद्योगों में हड़कंप।
रायपुर। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रात के समय प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम बंद रखने वाले 30 प्लांटों को सील कर दिया है। साथ ही इन प्लांटों की बिजली सप्लाई भी काट दी गई है। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है और अन्य उद्योग संचालकों ने तुरंत अपने प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम चालू कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल और प्रशासन की संयुक्त टीम ने रात के समय औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई उद्योग दिन में प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम चालू रखते थे, लेकिन रात में इसे बंद कर उत्पादन जारी रखते थे। इससे वातावरण में भारी मात्रा में प्रदूषण फैल रहा था।
रात में बंद मिलता था प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कई उद्योगों में धूल और धुएं को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए उपकरण रात में बंद कर दिए जाते थे। इससे बिना फिल्टर के धुआं और प्रदूषक तत्व सीधे वातावरण में फैल रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि यह गंभीर उल्लंघन है और इससे आसपास के गांवों और शहरों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था।
30 प्लांट सील, बिजली सप्लाई बंद
गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 30 प्लांटों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही बिजली विभाग को निर्देश देकर इन उद्योगों की बिजली सप्लाई भी काट दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उद्योग प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं करेंगे, तब तक उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
औद्योगिक क्षेत्रों में मचा हड़कंप
कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। कई उद्योग संचालकों ने तुरंत अपने प्लांटों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की जांच शुरू कर दी है।
नागरिकों की शिकायत पर कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार प्रदूषण की शिकायत की जा रही थी। खासकर रात के समय धुआं और बदबू की समस्या बढ़ जाती थी। इन शिकायतों के आधार पर पर्यावरण विभाग ने रात में विशेष अभियान चलाया।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा था असर
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार प्रदूषण से सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही थीं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा था। इसी को देखते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई की।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पर्यावरण विभाग ने कहा है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जो उद्योग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उद्योगों को दिए निर्देश
सभी उद्योगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 घंटे प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम चालू रखें। साथ ही नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
प्रशासन का सख्त संदेश
अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
रात में प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम बंद रखने वाले 30 प्लांटों को सील कर प्रशासन ने सख्ती का संकेत दिया है। इससे प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

