रायपुर में दीपों और आतिशबाजी से जगमगाए राम मंदिर, श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर जय श्रीराम के जयघोष के साथ उत्सव मनाया।
रायपुर। “रामो विग्रहवान् धर्म” की भावना के साथ शहर में भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। भगवान श्रीराम की आराधना में शहर के राम मंदिरों को दीपों, फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया गया। शाम होते ही मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठे और आतिशबाजी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। विशेष पूजा-अर्चना, हवन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीराम के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भक्तों ने परिवार और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
दीपों से जगमगाए मंदिर
शाम होते ही मंदिर परिसर में दीप प्रज्वलित किए गए। सैकड़ों दीपों की रोशनी ने पूरे परिसर को आलोकित कर दिया। मंदिरों को फूलों और रंगीन लाइटों से सजाया गया, जिससे वातावरण और भी भव्य हो गया।
श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
आतिशबाजी से गूंजा आसमान
कार्यक्रम के दौरान भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को उत्सव के रूप में मनाया। जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
हवन-पूजन और भजन संध्या
मंदिरों में विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं ने आहुति दी। इसके बाद भजन संध्या आयोजित की गई, जिसमें भक्तिमय गीतों से माहौल भक्तिरस में डूब गया।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण भी किया।
सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान समाज में भाईचारा और समरसता का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्शों और मर्यादा का प्रतीक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में शांति और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है।
सुरक्षा और व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवकों ने भी व्यवस्था संभाली और श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन दिया।
भक्ति में डूबा शहर
पूरा शहर भक्ति में डूबा नजर आया। मंदिरों में देर रात तक कार्यक्रम चलते रहे। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर भगवान श्रीराम की आराधना की।
निष्कर्ष
दीपों और आतिशबाजी से जगमगाए राम मंदिरों ने शहर को भक्ति और उल्लास से भर दिया। श्रद्धालुओं ने “रामो विग्रहवान् धर्म” के संदेश के साथ समाज में सद्भाव और समृद्धि की कामना की।

