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तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

📑 इस लेख मेंरायपुर। तातापानी महोत्सवपारंपरिक कला को मिला प्रोत्साहन28 विभागों के थीम-आधारित स्टॉलों का प्रदर्शनमिलेट कैफे और ट्राइबल फूड स्टॉल की विशेष झलकस्थानीय कला और संस्कृति को…

📅 15 January 2025, 3:08 am अपडेट: 16 May 2026
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रायपुर। तातापानी महोत्सव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज तातापानी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए थीम-आधारित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय कला, संस्कृति और सरकारी योजनाओं के प्रभाव को करीब से देखा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय कारीगरों और प्रतिभागियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को समझा और राज्य सरकार की योजनाओं से मिलने वाले लाभ की जानकारी ली।


पारंपरिक कला को मिला प्रोत्साहन

महोत्सव में राजपुर के आरा ग्राम निवासी शिवमंगल, जो पिछले 25 वर्षों से कुम्हार का काम कर रहे हैं, से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की। शिवमंगल ने बताया कि विद्युत चाक मिलने के बाद उनका पारंपरिक व्यवसाय आसान हो गया है। उनके परिवार ने मिट्टी के बर्तन बनाकर सालाना 2-3 लाख रुपये की आय अर्जित की है। महोत्सव में उनकी कला को प्रदर्शित किया गया, जहां मटके, कुल्हड़ और अन्य मिट्टी के बर्तनों की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्यमंत्री ने शिवमंगल की कला की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक कला को प्रोत्साहन देने और कलाकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान बुनकर सौदन सिंह के आग्रह पर गांधीजी के आत्मनिर्भरता के प्रतीक चरखे को भी चलाया। उन्होंने कहा,
“स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।”


28 विभागों के थीम-आधारित स्टॉलों का प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने महोत्सव में लगे 28 शासकीय विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों में विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्थानीय आजीविका मॉडल का प्रदर्शन किया गया।

  • आजिविका मॉडल: स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के तरीकों को प्रदर्शित किया गया।
  • अमृत सरोवर: जल संरक्षण और जल प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया गया।
  • जैविक खेती और उन्नत कृषि तकनीक: किसानों को जैविक खेती और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।
  • सौर सुजला योजना: सौर ऊर्जा का उपयोग कर सिंचाई के तरीकों का प्रदर्शन किया गया।
  • पशु रोग नियंत्रण: पशुपालन से संबंधित बीमारियों की रोकथाम और देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।

श्रृंगार सदन स्टॉल में लाइव बैंगल और चूड़ियां बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया, जो महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का बेहतरीन उदाहरण था।


मिलेट कैफे और ट्राइबल फूड स्टॉल की विशेष झलक

महोत्सव में मिलेट कैफे ने स्थानीय मिलेट से बने स्वादिष्ट भोज्य पदार्थों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ट्राइबल फूड स्टॉल में आदिवासी परंपराओं की झलक पेश की गई। इन स्टॉलों में बांस की कलाकृतियां, पारंपरिक वाद्य यंत्र और देवगुड़ी की प्रतिकृति प्रस्तुत की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रदर्शनों के माध्यम से न केवल स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का भी प्रयास किया जा रहा है।


स्थानीय कला और संस्कृति को सहेजने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव स्थानीय कला, संस्कृति, और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्टॉल संचालकों और प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा,
“इस आयोजन के जरिए हम न केवल स्थानीय समुदायों को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक धरोहर को भी सहेजने का काम कर रहे हैं।”


नवाचार और स्वावलंबन पर जोर

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की आत्मनिर्भरता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक के मेल से लोगों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में काम कर रही है।


निष्कर्ष

तातापानी महोत्सव के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थानीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के प्रभाव को भी जनता के सामने प्रस्तुत किया। पारंपरिक कला को बढ़ावा देने, स्वावलंबन की भावना को प्रोत्साहित करने, और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की यह पहल राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाते हैं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी कार्य करते हैं। महोत्सव में आए लोगों ने इन प्रयासों की सराहना की और इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विकास का बेहतरीन उदाहरण बताया।

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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

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