भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट संसद: जस्टिस वर्मा को हटाने पर सभी दलों की सहमति

- Advertisement -
vastuguruji
Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp

नई दिल्ली 
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को कहा है कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकमत हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियां से बातचीत जारी है और इसकी पहल अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है।

गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर एक स्टोर में 14 मार्च की रात लगी आग में 500 करोड रुपए के सैकड़ो और जले हुए नोटों की गाड़ियां मिली थीं। जस्टिस वर्मा ने इस मामले में निर्दोष होने का दावा किया है। हालांकि उच्चतम न्यायालय की आंतरिक जांच समिति ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाए जाने की सिफारिश की है।

सांसदों ने की है पहल- रिजिजू
रिजिजू ने पीटीआई को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी वरिष्ठ नेताओं से बात की है। मैं एकमात्र सांसद वाले कुछ दलों से भी संपर्क करुंगा, क्योंकि मैं किसी भी सदस्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। ताकि यह भारतीय संसद की एक संयुक्त राय के रूप में सामने आए।’’ केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि जस्टिस वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल सरकार की नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है, जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं।

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार गंभीर मसला
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है, क्योंकि न्यायपालिका ही वह जगह है जहां लोगों को न्याय मिलता है। अगर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है, तो यह सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी कारण न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव सभी राजनीतिक दलों द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा।’’

रिजिजू ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को समझा है और इस मुद्दे पर साथ देने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि उसने चीजों को वैसे ही समझा जैसा उसे समझना चाहिए, क्योंकि कोई भी पार्टी भ्रष्ट न्यायाधीश के साथ खड़ी या भ्रष्ट न्यायाधीश को बचाती हुई नजर नहीं आ सकती।’’ रिजिजू ने कहा, ‘‘जब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात आती है, तो हमें एकजुट होना होगा। इसमें पार्टी के आधार पर रुख नहीं होना चाहिए और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।’’ बता दें कि कांग्रेस ने कहा है कि उसके सभी सांसद जस्टिस वर्मा के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।

रिजिजू ने बताई आगे की प्रक्रिया
रिजिजू ने आगे बताया कि किसी न्यायाधीश को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर लोकसभा में कम से कम 100 सदस्यों और राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटिस लोकसभा में लोकसभा अध्यक्ष को और राज्यसभा में सभापति को प्रस्तुत किया जाएगा, जो सदन को सूचित करेंगे, न्यायाधीश जांच अधिनियम के अनुसार जांच समिति गठित करेंगे तथा तीन महीने में रिपोर्ट प्राप्त करेंगे। रिजिजू ने कहा, ‘‘तीन महीने की अवधि की आवश्यकता पूरी करनी होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी और दोनों सदनों में इस पर चर्चा होगी।’’

पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा जस्टिस वर्मा और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर यादव के बीच तुलना करने संबंधी टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा कि संसद को एक वकील-सांसद के निजी एजेंडे से निर्देशित नहीं किया जा सकता। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिब्बल सिर्फ अपने निजी एजेंडे से प्रेरित हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘वह एक बहुत ही साधारण वकील हैं। वह भारत की संसद का मार्गदर्शन नहीं कर सकते। भारत की संसद का मार्गदर्शन सभी सांसदों द्वारा किया जाएगा।’’

 

Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp
Leave a Comment
- Advertisement -
Vastugurujivastuguruji

Recent News

Vastu Products

VastuGuruji Products
INDRA DEV 9″
INDRA DEV 9″
🛒 Read More Details
Power of Infinity
Power of Infinity
🛒 Read More Details
Vastu Chakra
Vastu Chakra 
🛒 Read More Details

शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण

रायपुर में शादी सीजन शुरू होते ही लोग भगवान के बाद खाद्य…

महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं

रायपुर में महतारी वंदन योजना के दौरान अव्यवस्था, राशन स्टॉक की कमी…

एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट

रायपुर में एलपीजी जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, अफवाह से मार्च में बुकिंग…