उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया तैलीय सदन का लोकार्पण, कहा – ईमानदारी साहू समाज की पहचान
किरंदुल में आयोजित कर्मा महोत्सव और तैलीय सदन के लोकार्पण समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने साहू समाज की ईमानदारी और मेहनत को उसकी पहचान बताया। उन्होंने समाज को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
साहू समाज की ईमानदारी और मेहनत उसकी पहचान है, इसे हर हाल में बनाए रखना चाहिए। यह महत्वपूर्ण संदेश छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में दिया। उन्होंने इस अवसर पर एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण भी किया, जो समाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक श्री चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री का साहू समाज को प्रेरणादायक संबोधन
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है, जिसका नाम तैलीय सदन रखा गया है। उन्होंने समाज के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि इस भवन का उपयोग नियमित रूप से सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए किया जाए। श्री साव ने जोर देकर कहा कि ईमानदारी और मेहनत इस समाज की अद्वितीय ताकत और विशेषता है। उन्होंने समाज के सदस्यों से अपनी इस गौरवशाली पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह समाज सभी अन्य समाजों के साथ सौहार्दपूर्ण और आत्मीय संबंध रखता है, और यह एक ऐसा समाज है जो सभी को साथ लेकर चलता है। उन्होंने भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर इस समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रेरणा दी, जिससे युवा पीढ़ी भी प्रेरित हो सके।
तैलीय सदन का लोकार्पण और पारंपरिक व्यवसाय को प्रोत्साहन

इस भव्य समारोह का एक प्रमुख आकर्षण एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित तैलीय सदन का लोकार्पण था। यह भवन साहू समाज की एकता और प्रगति का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में इस समाज के पुश्तैनी व्यवसाय, यानी तेल निकालने के काम पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यह समाज का पारंपरिक उद्यम रहा है और इसे पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है। श्री साहू ने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीनें लगाने के लिए प्रोत्साहित किया और बताया कि सरकार इस दिशा में 35 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस सरकारी योजना का लाभ उठाकर इस समाज के सदस्य आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपने पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक रूप दे सकते हैं। यह पहल न केवल आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों पर जोर
कार्यक्रम में दंतेवाड़ा के विधायक श्री चैतराम अटामी ने किरंदुल में इस समाज की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में समाज के लगभग 300 परिवार निवास करते हैं और वे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। विधायक श्री अटामी ने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए एक अतिरिक्त कमरा बनाने की घोषणा की, जिससे बच्चों की शिक्षा को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने जोरदार स्वागत किया। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष श्री टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव श्री ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए समाज की एकजुटता और प्रगति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों का सम्मान
इस गरिमामय कार्यक्रम में इस समाज के उन सदस्यों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने समाज और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को ‘समाजरत्न’ सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उनके निस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक था। इसके साथ ही, माता कर्मा प्रांगण की दीवारों पर अपनी कलाकृतियों से चार चांद लगाने वाले कलाकार श्री कामता राम कोर्राम को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनकी कला ने समारोह स्थल को और भी आकर्षक बना दिया था। भगवताचार्य श्रीमती यामिनी देवी साहू, लोक गायिका सुश्री आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक श्री ओम साहू सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से आए साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में मौजूद थे। यह आयोजन इस समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विरात महानगर का विश्लेषण: किरंदुल में आयोजित कर्मा महोत्सव और तैलीय सदन का लोकार्पण साहू समाज की बढ़ती सामाजिक चेतना और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का यह संदेश कि ईमानदारी और मेहनत इस समाज की पहचान है, न केवल समाज को प्रेरणा देता है बल्कि अन्य समुदायों के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करता है। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड द्वारा पारंपरिक तेल व्यवसाय को बढ़ावा देने और सब्सिडी प्रदान करने की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। यह आयोजन समाज के भीतर एकजुटता को बढ़ावा देने और सामूहिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का स्पष्ट संकेत देता है।

साहू समाज — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q. साहू समाज की मुख्य पहचान क्या है?
A. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुसार, इस समाज की मुख्य पहचान ईमानदारी और कड़ी मेहनत है, जिसे समाज की ताकत और विशेषता माना जाता है।
Q. कर्मा महोत्सव कहाँ आयोजित किया गया था?
A. कर्मा महोत्सव छत्तीसगढ़ के किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित किया गया था।
Q. तैलीय सदन का लोकार्पण किसने किया और इसकी लागत क्या थी?
A. तैलीय सदन का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया। यह भवन एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित हुआ है।
Q. छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड ने समाज को क्या संदेश दिया?
A. छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू ने इस समाज को उनके पुश्तैनी तेल निकालने के व्यवसाय को फिर से स्थापित करने और सरकार द्वारा दी जा रही 35% सब्सिडी का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
Q. किरंदुल में साहू समाज के लिए विधायक ने क्या घोषणा की?
A. दंतेवाड़ा के विधायक श्री चैतराम अटामी ने किरंदुल में इस समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्यों के लिए एक कमरा बनाने की घोषणा की।
आधिकारिक संदर्भ: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
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