कोण्डागांव की योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीडियो साझा कर जज्बे को सलाम किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की प्रतिभाशाली बालिका योगिता मंडावी ने प्रदेश और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। योगिता को उनकी असाधारण प्रतिभा, साहस और सामाजिक योगदान के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योगिता के जज्बे को सलाम करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और बधाई दी।
सीएम साय ने की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि योगिता मंडावी जैसी बेटियां छत्तीसगढ़ की शान हैं। उनका आत्मविश्वास, मेहनत और समाज के प्रति सकारात्मक सोच देश के हर बच्चे के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
योगिता की उपलब्धि बनी प्रेरणा
कोण्डागांव जैसे आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्र से निकलकर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार हासिल करना योगिता मंडावी के संघर्ष और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। योगिता ने कम उम्र में ही शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर अपनी अलग पहचान बनाई है।
परिवार और जिले में खुशी की लहर
योगिता को यह सम्मान मिलने की खबर के बाद पूरे कोण्डागांव जिले में खुशी का माहौल है। परिवारजनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। स्थानीय लोगों का कहना है कि योगिता की सफलता से क्षेत्र के बच्चों और खासकर बालिकाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का महत्व
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने नवाचार, शिक्षा, खेल, कला, संस्कृति, सामाजिक सेवा या साहस जैसे क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हों। यह पुरस्कार बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान देने और उन्हें राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का माध्यम है।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
योगिता मंडावी की इस उपलब्धि को पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया जा रहा है। राज्य के विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
सरकार की पहल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, खेल और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। योगिता की सफलता इन प्रयासों की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है।
युवा पीढ़ी के लिए संदेश
योगिता मंडावी की कहानी यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

