रायपुर। महिला मड़ई का शुभारंभ
रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सोमवार को राज्य स्तरीय महिला मड़ई का शुभारंभ किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। ‘सशक्त महिला, समृद्ध महिला’ थीम पर आयोजित यह मड़ई 8 मार्च तक चलेगा, जिसमें महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय किया जा रहा है।
मंत्री ने किया खरीदारी, पारंपरिक व्यंजनों का चखा स्वाद
मड़ई मेले के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभिन्न महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध उत्पादों की सराहना की। उन्होंने रागी, सत्तू और बाजरे के लड्डू का स्वाद भी चखा और स्थानीय व्यंजनों की तारीफ की।
महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने मंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पद्मश्री जागेश्वर यादव का सम्मान भी किया।

कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस आयोजन में विधायक सुनील सोनी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, शालिनी राजपूत शाहिद, सचिव श्रीमती सम्मी आबिदी, संचालक श्री जन्मेजय महोबे सहित कई गणमान्य अतिथि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
87 स्टॉलों की बिक्री-सह प्रदर्शनी, सेल्फी जोन और प्ले एरिया बना आकर्षण का केंद्र
महिला मड़ई में 87 स्टॉलों पर बिक्री और प्रदर्शनी की व्यवस्था की गई है। लोग दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक इन स्टॉलों का अवलोकन और खरीदारी कर सकते हैं। मेले में एक विशेष सेल्फी जोन भी बनाया गया है, जो युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बच्चों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए प्ले जोन की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें झूले और खेल-खिलौनों की सुविधा दी गई है।
महिला जागरूकता से जुड़े स्टॉलों ने खींचा लोगों का ध्यान
महिला मड़ई में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी देने के लिए कई महत्वपूर्ण स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें नवा बिहान, महतारी वंदन सखी सेंटर, वुमन हेल्पलाइन, दिशा दर्शन, कन्या विवाह योजना, स्पॉन्सरशिप, फास्टर केयर, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह रोकथाम और दत्तक ग्रहण केंद्र शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ी लोक कला की सांस्कृतिक संध्या ने मोहा मन
महिला मड़ई के दौरान सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार सुश्री गरिमा दिवाकर ने शानदार प्रस्तुति दी। उनकी लोक गायन और नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महिला उद्यमियों को मिल रहा प्रोत्साहन
महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा अन्य सरकारी विभागों जैसे एनआरएलएम, वन विभाग और पंचायत विभाग के महिला स्व-सहायता समूहों को नि:शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे अपने उत्पादों का विक्रय कर सकें।
इसके अलावा, स्थानीय महिला उद्यमियों, उत्पादकों और स्टार्टअप्स को भी अपने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए विशेष स्टॉल दिए गए हैं। इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी।
महिला मड़ई में मिलेगा व्यवसाय, मनोरंजन और जानकारी का अनूठा संगम
राजधानी रायपुर में आयोजित यह महिला मड़ई न केवल महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने का मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि जागरूकता, सांस्कृतिक प्रस्तुति और मनोरंजन का अनूठा संगम भी प्रस्तुत कर रहा है। इस मेले से जुड़कर लोग न केवल छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अनुभव कर सकते हैं, बल्कि महिलाओं द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों की भी खरीदारी कर सकते हैं।
आयोजन समिति ने नागरिकों से 8 मार्च तक चलने वाले इस मेले का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की है।

