रायपुर। कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा (पाटन, दुर्ग) के कुलपति प्रोफेसर रवि आर. सक्सेना ने उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर कृषि, बागवानी और वानिकी के क्षेत्र में अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कृषि में नवाचार और तकनीकी अनुसंधान की आवश्यकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान कार्यों को किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न विकासखंडों में उगाए जाने वाले विशिष्ट फलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से इस विषय में विश्वविद्यालय की भूमिका पर चर्चा की और सुझाव दिया कि किसानों के लिए उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार किया जाए। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और राज्य के किसानों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
किसानों के लिए स्किल डेवलपमेंट कोर्स की पहल
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के कौशल विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय स्किल डेवलपमेंट कोर्स प्रारंभ करने की पहल करे, जिससे किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।
इस संबंध में उन्होंने कृषि क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और बागवानी, वानिकी, जैविक खेती, और फसल प्रबंधन पर विशेष कोर्स शुरू करने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कोर्स न केवल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराएंगे, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाएंगे।

कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने इस संदर्भ में वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से विश्वविद्यालय में कृषि और बागवानी से जुड़ी नई अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ाने और किसानों को इनसे जोड़ने पर बल देने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालय के बीच तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिससे किसानों को नवीनतम शोध और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
विशिष्ट फसलों और बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देने पर चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में विशिष्ट फसलों और बागवानी उत्पादों के संरक्षण और संवर्धन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जलवायु और मिट्टी की विविधता के अनुसार फलों और सब्जियों की खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
इस संदर्भ में उन्होंने विश्वविद्यालय को उच्च गुणवत्ता वाले पौधों के उत्पादन और वितरण की दिशा में कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में किसानों को इन फसलों की खेती के लिए आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग सपोर्ट प्रदान करने की रणनीति बनाई जानी चाहिए।
कृषि क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका होगी अहम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय राज्य में कृषि, बागवानी और वानिकी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कुलपति से विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों और योजनाओं की जानकारी ली और सुझाव दिया कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शोध कार्यों का व्यावहारिक रूप से उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और टेक्नोलॉजी आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय, कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कुलपति प्रोफेसर रवि आर. सक्सेना के बीच हुई इस मुलाकात में कृषि क्षेत्र के विकास, आधुनिक तकनीकों के प्रसार, किसानों की आय बढ़ाने और विश्वविद्यालय की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
इस बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय मिलकर किसानों के हित में नई योजनाओं पर कार्य करेंगे। इससे न केवल प्रदेश में कृषि क्षेत्र का विस्तार होगा, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

