रायपुर। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव
छत्तीसगढ़ में फरवरी माह में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तिथियों की घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 11 फरवरी 2025 को नगरीय निकायों के चुनाव होंगे, जबकि 17 फरवरी से 3 चरणों में पंचायत चुनाव संपन्न होंगे। यह चुनाव राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगरीय निकाय चुनाव: 11 फरवरी 2025
राज्य निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी है कि नगरीय निकाय चुनाव 11 फरवरी को एक ही चरण में होंगे। इन चुनावों में नगर निगम, नगर पालिका, और नगर पंचायत के प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया:
- मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
- सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
- मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) के साथ मतदान कर सकेंगे।
- मतगणना 13 फरवरी को होगी।
राज्य के शहरी क्षेत्रों में नागरिकों के बुनियादी मुद्दों, जैसे स्वच्छता, जलापूर्ति, और अधोसंरचना विकास पर आधारित चुनावी अभियान चल रहा है।
पंचायत चुनाव: 17 फरवरी से 3 चरणों में
पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे, जिनकी तिथियां 17 फरवरी, 21 फरवरी और 25 फरवरी निर्धारित की गई हैं। इन चुनावों के तहत ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, और जिला पंचायत के पदों के लिए मतदान होगा।
प्रमुख तिथियां और प्रक्रिया:
- प्रथम चरण: 17 फरवरी
- द्वितीय चरण: 21 फरवरी
- तृतीय चरण: 25 फरवरी
- मतगणना: प्रत्येक चरण की मतगणना मतदान के अगले दिन होगी।
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी मुद्दों में जल, बिजली, सड़क, और किसानों की समस्याएं प्रमुख हैं। ग्रामीण मतदाता इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।
चुनावों में महिलाओं की भागीदारी
इस बार के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। पंचायत चुनावों में 50% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि यह ग्रामीण और शहरी प्रशासन में महिलाओं की भूमिका को भी मजबूत करेगा।
चुनाव आयोग की तैयारियां
राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए विशेष तैयारियां की हैं।
- सुरक्षा व्यवस्था:
सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए जाएंगे। संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। - मतदाता जागरूकता अभियान:
राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। - ईवीएम और बैलेट पेपर:
नगरीय निकाय चुनावों में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का उपयोग होगा, जबकि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। - आचार संहिता लागू:
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इसके पालन का निर्देश दिया गया है।
राजनीतिक दलों की तैयारी
चुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और अन्य दल चुनाव प्रचार में जुट गए हैं।
- कांग्रेस: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कांग्रेस शहरी और ग्रामीण विकास को चुनावी मुद्दा बना रही है।
- भाजपा: विपक्षी दल भाजपा राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए विकास के मुद्दे पर अपना चुनावी अभियान चला रही है।
- अन्य दल: क्षेत्रीय दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदाताओं को लुभाने में लगे हुए हैं।
चुनावों का महत्व
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। ये चुनाव न केवल शहरी और ग्रामीण प्रशासन के लिए प्रतिनिधियों का चयन करते हैं, बल्कि नागरिकों को अपने स्थानीय मुद्दों को उठाने का मंच भी देते हैं।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं से अपेक्षा है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
विजय शर्मा ने आज कांकेर स्थित काउंटर टेरेरिज्म एंड जंगल वारफेयर महाविद्यालय का दौरा

