ट्रंप के 145% टैरिफ से वैश्विक बाजारों में हड़कंप: चीन-अमेरिका व्यापार युद्ध का बढ़ता तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 145% टैरिफ लगाने के फैसले ने वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट और आर्थिक अनिश्चितता को जन्म दिया है। जानें इस…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 145% टैरिफ लगाने के फैसले ने वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट और आर्थिक अनिश्चितता को जन्म दिया है। जानें इस व्यापार युद्ध का भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 145% करने के फैसले ने वैश्विक व्यापार में हलचल मचा दी है। इस कदम के जवाब में चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर 125% टैरिफ लागू किया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और तेज हो गया है। इस टकराव का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला है, जहां प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजारों की प्रतिक्रिया
ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट आई है। डॉव जोन्स और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखी गई, लेकिन एशियाई और यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। टोक्यो का निक्केई सूचकांक 5% से अधिक गिरने के बाद 3% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग, शंघाई और ताइवान के बाजारों में बढ़त दर्ज की गई। यूरोप में, डैक्स और कैक 40 में गिरावट आई, जबकि एफटीएसई 100 में फरवरी में बेहतर-than-expected आर्थिक वृद्धि के कारण बढ़त देखी गई।
बॉन्ड और करेंसी बाजारों में उतार-चढ़ाव
बॉन्ड बाजारों में भी अस्थिरता देखी गई, जहां 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.50% तक पहुंचने के बाद वापस आई। मुद्रा बाजारों में येन कमजोर हुआ, जबकि यूरो में मजबूती देखी गई।
चीन की प्रतिक्रिया और वैश्विक चिंताएं
चीन ने अमेरिकी टैरिफ को “अंतरराष्ट्रीय मजाक” करार देते हुए अमेरिकी वस्तुओं पर 125% टैरिफ लागू किया है। चीन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि अमेरिका ने और कदम उठाए, तो वह अन्य प्रतिक्रियाएं दे सकता है। इस व्यापार युद्ध के चलते वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ गई है।
अन्य देशों की प्रतिक्रियाएं
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी नीतियों की आलोचना की है और जवाबी कदमों की तैयारी कर रहे हैं। जापान ने अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जबकि यूरोपीय संघ अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत की योजना बना रहा है।
निष्कर्ष
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने के फैसले और चीन की जवाबी कार्रवाई ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति में वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।







