ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर सिस्टम टक्कर की गंभीरता घटाएगा: सिमगा-बिलासपुर हाईवे पर 29 ब्लैकस्पॉट पर लगे ‘सुरक्षा कवच’
📑 इस लेख मेंसिमगा–बिलासपुर हाईवे पर 29 ब्लैकस्पॉट पर ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर सिस्टम लगाए गए, जो टक्कर की गंभीरता कम कर सड़क सुरक्षा बढ़ाएंगे।क्या है ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर…
सिमगा–बिलासपुर हाईवे पर 29 ब्लैकस्पॉट पर ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर सिस्टम लगाए गए, जो टक्कर की गंभीरता कम कर सड़क सुरक्षा बढ़ाएंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से सिमगा–बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा पहल की गई है। इस हाईवे पर चिन्हित 29 ब्लैकस्पॉट पर ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर सिस्टम स्थापित किया गया है, जिसे ‘सुरक्षा कवच’ नाम दिया गया है। यह आधुनिक प्रणाली वाहनों की टक्कर की गंभीरता को कम करने में मदद करेगी और जानमाल की क्षति को न्यूनतम करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।
लोक निर्माण एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सिमगा–बिलासपुर मार्ग प्रदेश के व्यस्ततम और दुर्घटना संभावित मार्गों में शामिल है। यहां लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए हाई रिस्क वाले स्थानों की पहचान कर ब्लैकस्पॉट सूची तैयार की गई थी। इसी आधार पर अब 29 स्थानों पर सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं।
क्या है ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर सिस्टम
ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर सिस्टम एक विशेष ऊर्जा अवशोषित करने वाला सुरक्षा उपकरण होता है, जो किसी वाहन के टकराने पर झटके को सोख लेता है। इससे वाहन की गति अचानक रुकने के बजाय नियंत्रित रूप से कम होती है और यात्रियों को लगने वाली चोटों की गंभीरता घटती है।
यह सिस्टम आमतौर पर डिवाइडर के सिरे, फ्लाईओवर के नीचे, टर्निंग पॉइंट, कट पॉइंट और संकरे मोड़ों पर लगाया जाता है, जहां दुर्घटना की आशंका सबसे अधिक होती है।
29 ब्लैकस्पॉट पर लगाए गए सुरक्षा कवच
सिमगा से बिलासपुर के बीच ऐसे 29 स्थानों को चिन्हित किया गया था, जहां बीते वर्षों में लगातार गंभीर सड़क हादसे हुए थे। इन स्थानों पर अब पीले और काले रंग के हाई विजिबिलिटी वाले सुरक्षा कवच लगाए गए हैं, ताकि दूर से ही वाहन चालकों को सतर्क किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इन सुरक्षा उपकरणों के लगने से ओवरस्पीडिंग, गलत लेन में वाहन चलाने और अचानक मुड़ने की स्थिति में होने वाली दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम किया जा सकेगा।
हादसों में कमी लाने की उम्मीद
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैफिक इम्पैक्ट एट्यूनेटर सिस्टम के उपयोग से खासकर रात के समय और खराब मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इससे न केवल जान बचाई जा सकेगी, बल्कि वाहनों को होने वाले नुकसान में भी गिरावट आएगी।
प्रदेश में यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन सिमगा–बिलासपुर मार्ग पर इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा कवच लगाए जाना एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
चालकों को भी सतर्क रहने की अपील
परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सीट बेल्ट और हेलमेट का उपयोग करें तथा ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित यात्रा करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी उपाय तभी प्रभावी होंगे, जब नागरिक स्वयं भी सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार व्यवहार अपनाएंगे।
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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
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