रायपुर में 100 करोड़ की हाईटेक फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब बनेगी, जिससे खाद्य और दवा जांच के लिए कोलकाता-हैदराबाद पर निर्भरता खत्म होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि जांच व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है। राज्य में हाईटेक फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिस पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू हो जाने के बाद खाद्य पदार्थों और दवाओं के नमूनों की जांच के लिए कोलकाता और हैदराबाद स्थित लैब पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभी प्रदेश से भेजे जाने वाले कई संवेदनशील नमूनों की जांच राज्य के बाहर कराई जाती है। इससे न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि रिपोर्ट आने में देरी के कारण कई मामलों में कार्रवाई भी प्रभावित होती है। नई हाईटेक लैब बनने के बाद प्रदेश में ही उच्चस्तरीय जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
अत्याधुनिक तकनीक से होगी जांच
प्रस्तावित हाईटेक फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब में आधुनिक मशीनें, हाई एंड एनालिटिकल उपकरण और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। यहां खाद्य पदार्थों में मिलावट, रसायन, कीटनाशक अवशेष, भारी धातु, माइक्रोबायोलॉजिकल जांच और दवाओं की गुणवत्ता संबंधी परीक्षण किए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि लैब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जाएगी, ताकि जांच रिपोर्ट पूरी तरह से प्रमाणिक और कानूनी रूप से मान्य हो सके।
तेजी से मिलेगी रिपोर्ट, कार्रवाई होगी आसान
नई प्रयोगशाला के शुरू होने से जांच रिपोर्ट मिलने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे खाद्य सुरक्षा विभाग और औषधि नियंत्रण विभाग को समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
अब तक कई मामलों में नमूने बाहर भेजने के कारण रिपोर्ट आने में कई सप्ताह लग जाते थे। इससे मिलावटी खाद्य पदार्थों और घटिया दवाओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव नहीं हो पाती थी। हाईटेक लैब शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
उपभोक्ताओं की सेहत को मिलेगी सुरक्षा
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से प्रदेश के उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री और दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मिलावटखोरों और अवैध दवा कारोबारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नई लैब से राज्य के सभी जिलों से आने वाले नमूनों की जांच की जाएगी। इससे प्रदेश स्तर पर एक मजबूत निगरानी तंत्र तैयार होगा।
रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर भी बढ़ेंगे
हाईटेक फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब के निर्माण से वैज्ञानिक, लैब टेक्नीशियन, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और फार्मास्युटिकल विशेषज्ञों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य अधोसंरचना को मिलेगा नया आयाम
राज्य सरकार की इस पहल को स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में यह लैब न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि आसपास के राज्यों के लिए भी एक प्रमुख परीक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो सकती है।

