रायपुर। हिंदू नव वर्ष पर भव्य शोभायात्रा
रामराज परिवार द्वारा हिंदू नव वर्ष के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं और शहर के गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, विधायक सावित्री मांडवी, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सीएम साय की बेटी स्मृति साय और समाजसेवी व ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

हिंदुत्व और एकता को बढ़ावा देने वाला आयोजन
शोभायात्रा में शामिल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने रामराज परिवार के सदस्यों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह शोभायात्रा हिंदू संस्कृति और समाज में एकता को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। प्रभु श्री राम का जीवन हमें मर्यादा, धर्म और आदर्शों का मार्ग दिखाता है।”
इसी अवसर पर ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने प्रदेशवासियों को हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, “यह पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। शोभायात्रा के माध्यम से हम प्रभु श्री राम के आदर्शों को समाज तक पहुँचाने का संकल्प लेते हैं।”
समर्पण और एकता का प्रतीक शोभायात्रा
शोभायात्रा के दौरान गुरुचरण सिंह होरा ने रामराज परिवार के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “इस भव्य आयोजन के पीछे समिति के सदस्यों का अथक परिश्रम और समर्पण है, जिसने इसे एक ऐतिहासिक उत्सव बना दिया। यह शोभायात्रा केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी मजबूत करने का जरिया है।”
उन्होंने सभी के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।

राममय हुआ रायपुर, भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालु
शोभायात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप, भक्ति संगीत और जय श्री राम के उद्घोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवा ध्वज लहराते हुए रामनवमी और नव वर्ष की खुशियाँ मनाईं। इस दौरान रामराज परिवार के सदस्यों ने विभिन्न झांकियों का प्रदर्शन कर रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
गणमान्य व्यक्तियों की रही खास उपस्थिति
इस भव्य शोभायात्रा में विधायक सावित्री मांडवी, महापौर मीनल चौबे, सीएम साय की बेटी स्मृति साय सहित कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने भाग लिया। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे रायपुर की धार्मिक एकता और संस्कृति का प्रतीक बताया।

रामराज परिवार द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा हर वर्ष की तरह इस बार भी धार्मिक भक्ति, संस्कृति और एकता का संदेश देने में सफल रही।

