रायपुर में सड़क और फुटपाथ कब्जा रोकने नई व्यवस्था, हर जोन में 10 सदस्यीय टीम, टीआई शामिल, रोज शाम रिपोर्ट अनिवार्य, बार-बार अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई होगी।
रायपुर। शहर में लगातार बढ़ रही सड़क पर अवैध घेराबंदी, ठेले-खोमचे, अस्थायी दुकानें, पार्किंग और निर्माण सामग्री फैलाने की शिकायतों को देखते हुए अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। सड़क और फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अब नियमित और संगठित निगरानी शुरू की जा रही है। प्रत्येक जोन में 10 सदस्यों की विशेष मॉनिटरिंग टीम बनाई जाएगी, जिसमें स्थानीय थाना प्रभारी (टीआई) भी शामिल रहेंगे। हर दिन शाम को कार्रवाई और स्थिति की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी निगरानी प्रणाली के रूप में लागू की जा रही है, ताकि बार-बार हटाने के बाद दोबारा कब्जा करने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
हर जोन में बनेगी विशेष मॉनिटरिंग टीम
नई व्यवस्था के तहत नगर के प्रत्येक जोन में 10 सदस्यीय टीम तैनात की जाएगी। इस टीम में नगर निगम के अमले के साथ-साथ पुलिस विभाग के अधिकारी और संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी भी शामिल रहेंगे।
टीम का मुख्य उद्देश्य होगा—
- प्रमुख सड़कों और चौराहों की नियमित निगरानी
- फुटपाथ और सड़कों पर फैलाए गए सामान की पहचान
- अवैध निर्माण और अस्थायी ढांचों पर तत्काल कार्रवाई
- हटाए गए कब्जों की दोबारा जांच
टीआई की मौजूदगी से बढ़ेगी कार्रवाई की सख्ती
अब तक कई इलाकों में यह देखा गया है कि निगम की कार्रवाई के बाद कुछ ही घंटों या दिनों में दोबारा सड़क पर दुकानें लग जाती हैं। नई व्यवस्था में पुलिस की सीधी भागीदारी होने से मौके पर ही कानूनी कार्रवाई संभव होगी।
टीआई की मौजूदगी से—
- अतिक्रमण हटाने में सहयोग मिलेगा
- विवाद या विरोध की स्थिति में कानून व्यवस्था बनी रहेगी
- बार-बार कब्जा करने वालों पर सख्त धाराओं में कार्रवाई की जा सकेगी
हर शाम अनिवार्य रिपोर्ट देना होगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जोन की टीमों को रोज शाम अपने क्षेत्र की रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट में यह जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी—
- किन इलाकों में अतिक्रमण पाया गया
- कितने स्थानों से कब्जा हटाया गया
- किन दुकानदारों या ठेले वालों पर चालानी कार्रवाई हुई
- किन जगहों पर दोबारा कब्जा पाया गया
रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ अधिकारी सीधे समीक्षा करेंगे।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
बीते कुछ महीनों से शहर के कई प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और आवासीय इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि—
- सड़क पर ठेले और दुकानें फैलने से जाम लगता है
- पैदल चलने वालों को फुटपाथ नहीं मिल पा रहा
- एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपात वाहनों को रास्ता नहीं मिल रहा
- स्कूल और अस्पताल क्षेत्रों में अव्यवस्था बनी रहती है
इन्हीं शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया है।
बार-बार कब्जा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
नई नीति के अनुसार केवल सामान हटाकर छोड़ने की व्यवस्था नहीं रहेगी। अब बार-बार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ—
- जुर्माना
- अस्थायी दुकान जब्ती
- लाइसेंस निरस्तीकरण
- और जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रकरण
जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि जिन स्थानों पर बार-बार कब्जा पाया जाएगा, वहां स्थायी निगरानी दल की तैनाती की जा सकती है।
बाजार क्षेत्रों पर विशेष फोकस
शहर के प्रमुख बाजार, संकरी सड़कें और व्यस्त चौराहे इस अभियान के मुख्य केंद्र रहेंगे। इन क्षेत्रों में अक्सर यह देखा गया है कि—
- दुकान का सामान सड़क तक फैला दिया जाता है
- ठेले स्थायी रूप से खड़े कर दिए जाते हैं
- अस्थायी शेड और टीन शेड लगा लिए जाते हैं
नई टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे स्थानों पर सुबह और शाम दोनों समय विशेष निरीक्षण किया जाए।
व्यापारियों और फेरीवालों को दी जाएगी समझाइश
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। इसलिए टीमों द्वारा—
- दुकानदारों को दुकान की तय सीमा में ही सामान रखने की समझाइश
- फेरीवालों को निर्धारित स्थानों पर ही व्यवसाय करने की जानकारी
- और सड़क पर स्थायी ढांचा न लगाने की चेतावनी
भी दी जाएगी।
हालांकि यह भी साफ किया गया है कि चेतावनी के बाद यदि दोबारा नियमों का उल्लंघन होता है, तो सीधी कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक सुधार से भी जुड़ा है अभियान
सड़क पर अतिक्रमण को शहर में ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण माना जा रहा है। कई प्रमुख सड़कों पर लेन सिकुड़ जाने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और पीक आवर में लंबा जाम लग जाता है।
प्रशासन का मानना है कि यदि सड़क और फुटपाथ पूरी तरह खाली कराए जाते हैं तो—
- ट्रैफिक सुचारु होगा
- दुर्घटनाओं में कमी आएगी
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी
अधिकारियों की जवाबदेही तय
नई व्यवस्था में केवल अतिक्रमण करने वालों पर ही नहीं, बल्कि संबंधित जोन अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में बार-बार शिकायतें मिलती हैं और रिपोर्ट में कार्रवाई नहीं दर्शाई जाती, तो संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह व्यवस्था पारदर्शिता और नियमित निगरानी के लिए लागू की गई है।
नागरिकों से भी सहयोग की अपील
नगर प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि—
- वे सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा न करें
- दुकानदारों से सड़क खाली रखने का आग्रह करें
- और किसी भी नए अतिक्रमण की सूचना संबंधित जोन कार्यालय या कंट्रोल रूम को दें
प्रशासन का कहना है कि शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है।

