वास्तु शास्त्र के अनुसार, शादी वाले घर में कुछ नकारात्मक चीजें रखने से बाधाएं उत्पन्न होती हैं। जानिए कौन-सी 5 चीजें विवाह में रुकावट ला सकती हैं।
शादी एक पवित्र बंधन है, जिसमें दो आत्माएं और उनके परिवार आपस में जुड़ते हैं। हर परिवार चाहता है कि विवाह शुभ और मंगलमय हो। लेकिन कई बार शादी की तैयारियों के दौरान ही अनचाही बाधाएं आने लगती हैं। कभी बात बनते-बनते बिगड़ जाती है, तो कभी रिश्ते में अकारण मतभेद होने लगते हैं। इन सबके पीछे वास्तु दोष भी एक बड़ा कारण हो सकता है। कई बार हम अनजाने में ऐसी चीजें अपने घर में रख लेते हैं, जो नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और शुभ कार्यों में रुकावट डालती हैं।
अगर आपके घर में शादी होने वाली है या विवाह योग्य संतान के रिश्ते नहीं बन पा रहे हैं, तो जरूरी है कि आप घर में मौजूद नकारात्मक वस्तुओं को तुरंत हटा दें। वास्तु शास्त्र में ऐसी कुछ चीजों का उल्लेख किया गया है, जो शादी वाले घर में अशुभ मानी जाती हैं। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में जो विवाह के समय घर में नहीं होनी चाहिए।
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1. टूटे-फूटे बर्तन और कांच के सामान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटे हुए बर्तन, क्रैक हुआ कांच, चटके हुए दर्पण या अन्य खंडित वस्तुएं घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। शादी वाले घर में विशेष रूप से इन चीजों को नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ये मांगलिक कार्यों में बाधाएं उत्पन्न करती हैं।
- अगर घर में कोई टूटा हुआ गिलास, प्लेट, कटोरी, दर्पण या अन्य कोई वस्तु है, तो उसे तुरंत हटा दें।
- दर्पण के टूटने से गृह दोष बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- कांच के खंडित सामान से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिससे विवाह में देरी और पारिवारिक कलह की संभावना बढ़ जाती है।
2. कांटेदार पौधे और बोंसाई
हरियाली घर में सुख-समृद्धि लाती है, लेकिन वास्तु के अनुसार कुछ पौधे दुर्भाग्य का कारण बन सकते हैं।
- कांटेदार पौधे – कैक्टस या अन्य कांटेदार पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और रिश्तों में टकराव पैदा कर सकते हैं।
- बोंसाई पौधे – बोंसाई का मतलब है कृत्रिम रूप से वृद्धि को रोकना। यह विकास में बाधा उत्पन्न करता है, इसलिए इसे शादी वाले घर में रखना शुभ नहीं होता।
- यदि घर में मनी प्लांट रखा गया है, तो उसकी बेल को हमेशा व्यवस्थित रखें। सूखी या गिरी हुई बेलें नकारात्मकता लाती हैं।

3. अशुभ चित्र और हिंसक मूर्तियां
कई बार लोग घर की सजावट के लिए ऐसी तस्वीरें या मूर्तियां रखते हैं, जो वास्तु के अनुसार अशुभ मानी जाती हैं।
- शादी वाले घर में रोते हुए बच्चे, डूबता हुआ जहाज, जंग लड़ते योद्धा, ताजमहल, महाभारत का चित्रण या किसी तरह की हिंसा को दर्शाने वाली तस्वीरें नहीं होनी चाहिए।
- महाभारत संघर्ष का प्रतीक है, इसलिए इसकी तस्वीर घर में लगाने से कलह की संभावना बढ़ जाती है।
- ताजमहल एक मकबरा है, जो प्रेम का नहीं बल्कि मृत्यु का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे घर में नहीं रखना चाहिए।
- देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां भी नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती हैं और मांगलिक कार्यों में बाधा डाल सकती हैं।
4. दक्षिण दिशा में पानी का स्रोत
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी का स्रोत (जैसे कि पानी की टंकी, फव्वारा, एक्वेरियम) गलत दिशा में होने से कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
- यदि घर की दक्षिण दिशा में पानी का कोई स्रोत रखा गया है, तो यह आर्थिक हानि और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।
- शादी वाले घर में इस तरह की गलती करने से रिश्तों में तनाव आ सकता है और विवाह में देरी भी हो सकती है।
- पानी की टंकी या अन्य जल स्रोत हमेशा उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में ही होने चाहिए।

5. बेडरूम में इलेक्ट्रॉनिक सामान और गहरे रंग की दीवारें
शादी के समय घर का माहौल सकारात्मक और उल्लासमय होना चाहिए, लेकिन कई बार बेडरूम की सजावट ही नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न कर देती है।
- बेडरूम में टीवी, लैपटॉप, मोबाइल चार्जर आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज्यादा मात्रा में होने से तरंगें उत्पन्न होती हैं, जो रिश्तों में तनाव ला सकती हैं।
- बैडरूम में गहरे रंगों (काले, ग्रे, गहरे नीले) का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये अवसाद और निराशा को बढ़ावा देते हैं।
- हल्के रंग (गुलाबी, क्रीम, हल्का हरा) सुख-शांति और प्रेम का संचार करते हैं, जिससे रिश्ते मधुर बने रहते हैं।
शादी वाले घर में शुभता बनाए रखने के वास्तु उपाय
अगर आपके घर में शादी होने वाली है, तो आपको सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ विशेष उपाय करने चाहिए।
- मंगलकारी रंगों का प्रयोग करें – घर में सफेद, गुलाबी, हल्का पीला और हरा रंग करवाएं। ये रंग शांति और प्रेम का प्रतीक हैं।
- मुख्य द्वार को सजाएं – मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों और अशोक वृक्ष की बंदनवार लगाएं, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।
- स्वस्तिक और शुभ चिह्न बनाएं – घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और चंदन से स्वस्तिक बनाएं।
- ध्यान रखें कि कोई टूटी-फूटी चीज घर में न हो – वास्तु दोष से बचने के लिए घर की सफाई करें और अनावश्यक वस्तुओं को हटा दें।
- चौमुखा दीपक जलाएं – संध्या के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का चौमुखा दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
- गंगाजल का छिड़काव करें – प्रतिदिन घर में गंगाजल का छिड़काव करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

निष्कर्ष
शादी एक महत्वपूर्ण और मांगलिक कार्य होता है, जिसमें सकारात्मक ऊर्जा का होना आवश्यक है। अगर विवाह योग्य संतान के रिश्ते नहीं बन रहे हैं या शादी में अकारण बाधाएं आ रही हैं, तो आपको अपने घर में रखी चीजों पर ध्यान देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी 5 नकारात्मक वस्तुएं (टूटे बर्तन, कांटेदार पौधे, अशुभ चित्र, गलत दिशा में जल स्रोत और बेडरूम की गलत सजावट) विवाह में रुकावट डाल सकती हैं। इन चीजों को घर से हटाकर सही वास्तु उपाय अपनाने से शादी के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं और मांगलिक कार्य निर्विघ्न संपन्न हो सकते हैं।

