रायपुर के लालपुर में अवैध कॉम्प्लेक्स पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, बिना अनुमति बने निर्माण को तोड़ा गया।
रायपुर। राजधानी रायपुर के लालपुर इलाके में बने अवैध कॉम्प्लेक्स को हटाने की कार्रवाई दूसरे दिन भी लगातार जारी रही। प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को तोड़ने का काम आगे बढ़ाया।
इस कार्रवाई को लेकर पूरे क्षेत्र में सुबह से ही हलचल बनी रही। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और नगर निगम के अधिकारी तैनात रहे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अवैध रूप से बने इस बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह हटाने के लिए कार्रवाई कई चरणों में की जा रही है। पहले दिन ऊपरी हिस्से और बाहरी ढांचे को गिराया गया था, जबकि दूसरे दिन अंदरूनी ढांचे और शेष निर्माण को ध्वस्त किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि भवन का निर्माण बिना वैध नक्शा स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के किया गया था। इसके अलावा भूमि उपयोग और निर्माण मानकों का भी गंभीर उल्लंघन पाया गया है।
नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम तैनात
इस पूरे अभियान का संचालन रायपुर नगर निगम के अधिकारियों की निगरानी में किया जा रहा है। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आसपास के क्षेत्र में अस्थायी बैरिकेडिंग भी की गई, ताकि आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
अवैध निर्माण को लेकर पहले ही जारी हो चुके थे नोटिस
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस कॉम्प्लेक्स के मालिक और संबंधित पक्षों को पहले ही कई बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में निर्माण से जुड़े दस्तावेज और स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब और वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इसके बाद नियमानुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
मौके पर भारी मशीनें और तकनीकी टीम
दूसरे दिन की कार्रवाई के दौरान कई जेसीबी, हाइड्रोलिक ब्रेकर और डंपर लगाए गए। तकनीकी टीम की मौजूदगी में यह सुनिश्चित किया गया कि आसपास के भवनों को कोई नुकसान न पहुंचे।
विशेष सावधानी इसलिए भी बरती जा रही है, क्योंकि कॉम्प्लेक्स के आसपास घनी आबादी वाला क्षेत्र है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा मानकों के तहत ही हर हिस्से को चरणबद्ध तरीके से गिराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
कार्रवाई को लेकर स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोगों का कहना है कि अवैध निर्माण के कारण इलाके में ट्रैफिक, पार्किंग और जल निकासी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही थीं, इसलिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
वहीं कुछ व्यापारियों और भवन से जुड़े लोगों ने कार्रवाई पर असंतोष भी जताया। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार और न्यायिक दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है।
अवैध निर्माण पर सख्त रुख
अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल लालपुर तक सीमित नहीं रहेगा। राजधानी के अन्य इलाकों में भी ऐसे भवनों की पहचान की जा रही है, जो बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ बनाए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण न केवल शहर की योजना व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा पैदा करता है। कई बार ऐसे भवनों में फायर सेफ्टी, पार्किंग और स्ट्रक्चरल सेफ्टी के नियमों की अनदेखी की जाती है।
निर्माण मानकों का हुआ उल्लंघन
जांच में यह भी सामने आया है कि इस कॉम्प्लेक्स में—
- निर्धारित ऊंचाई से अधिक निर्माण किया गया था
- पार्किंग क्षेत्र का उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया गया
- फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास से जुड़े मानकों का पालन नहीं किया गया
इन्हीं कारणों से इसे अवैध श्रेणी में रखते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
दूसरे दिन भी पूरा नहीं हो सका ध्वस्तीकरण
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स का ढांचा बड़ा और जटिल होने के कारण दूसरे दिन भी पूरा भवन नहीं गिराया जा सका। कुछ हिस्सों को अभी और तोड़ा जाना बाकी है, जिसके लिए अगले चरण में कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर तीसरे दिन भी अभियान चलाया जा सकता है।
शहर में अवैध निर्माण पर बढ़ी सख्ती
इस कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्ती से भविष्य में लोग बिना अनुमति निर्माण करने से पहले कई बार सोचेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगाई जाए, तो शहर की मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और मास्टर प्लान पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने साफ किया है कि रायपुर शहर और पूरे छत्तीसगढ़ में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन भवनों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से विधिवत अनुमति अवश्य लें, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

