नवा रायपुर में एसके पीपल कंपनी द्वारा प्रदेश का पहला अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन बना, जहां ऊपर ट्रेनें और नीचे दुकानें व ऑफिस विकसित किए गए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर में प्रदेश का पहला अत्याधुनिक अंडरग्राउंड रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। इस ऐतिहासिक परियोजना का निर्माण एसके पीपल नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यह स्टेशन प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां ट्रेनें स्टेशन की छत के ऊपर से गुजरती हैं, जबकि स्टेशन परिसर, यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म, दुकानें और ऑफिस पूरी तरह जमीन के नीचे विकसित किए गए हैं। यह मॉडल देश के कुछ बड़े मेट्रो शहरों में देखने को मिलता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है।
नवा रायपुर को मिला प्रदेश का पहला अंडरग्राउंड स्टेशन
नवा रायपुर तेजी से स्मार्ट सिटी और प्रशासनिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। इसी कड़ी में रेलवे और राज्य सरकार के सहयोग से इस अंडरग्राउंड स्टेशन की परिकल्पना की गई थी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस स्टेशन का निर्माण आधुनिक शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि भूमि का अधिकतम उपयोग हो सके और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
ऊपर से गुजरेंगी ट्रेनें, नीचे होगा पूरा स्टेशन परिसर
इस स्टेशन की संरचना पारंपरिक रेलवे स्टेशनों से पूरी तरह अलग है। आमतौर पर स्टेशन जमीन के ऊपर होते हैं और पटरियां प्लेटफॉर्म के साथ होती हैं, लेकिन नवा रायपुर में बने इस स्टेशन में—
- रेलवे ट्रैक स्टेशन के ऊपर बनाए गए हैं
- प्लेटफॉर्म और यात्री सुविधा क्षेत्र जमीन के नीचे हैं
- नीचे ही वाणिज्यिक परिसर यानी दुकानें और कार्यालय विकसित किए गए हैं
इस डिजाइन से शहरी क्षेत्र में जगह की बचत होगी और आसपास के क्षेत्र को सुव्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सकेगा।
एसके पीपल कंपनी कर रही है निर्माण कार्य
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य एसके पीपल नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी ने आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक, मजबूत कंक्रीट संरचना और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस अंडरग्राउंड स्टेशन को तैयार किया है।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन की डिजाइन इस तरह की गई है कि भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने पर भी सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था
अंडरग्राउंड स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा
- दिव्यांग यात्रियों के लिए रैम्प और विशेष मार्ग
- वातानुकूलित वेटिंग एरिया
- डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम
- टिकट काउंटर और ऑटोमेटिक टिकटिंग सुविधा
शामिल हैं। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए अलग से प्रबंधन व्यवस्था की गई है।
नीचे दुकानें और ऑफिस, बढ़ेगा रोजगार
स्टेशन के निचले हिस्से में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुकानें और ऑफिस स्पेस तैयार किए गए हैं। यहां छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों को जगह मिलेगी।
इससे नवा रायपुर में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्टेशन केवल यातायात केंद्र नहीं, बल्कि एक मल्टी-यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित होगा।
यातायात और शहरी विकास को मिलेगा फायदा
इस अंडरग्राउंड स्टेशन के कारण आसपास के इलाके में सड़क यातायात और पैदल आवागमन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। ऊपर रेलवे ट्रैक होने के कारण जमीन का उपयोग अन्य सार्वजनिक सुविधाओं और ग्रीन एरिया के लिए भी किया जा सकता है।
शहरी योजनाकारों का मानना है कि इस तरह के मॉडल से भविष्य में नवा रायपुर में अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी नई दिशा मिलेगी।
सुरक्षा और संरचना पर विशेष ध्यान
अंडरग्राउंड स्टेशन होने के कारण सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन में—
- फायर सेफ्टी सिस्टम
- आपातकालीन निकास मार्ग
- वेंटिलेशन और स्मोक एग्जॉस्ट सिस्टम
- सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था
जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया स्टेशन
रेलवे और निर्माण एजेंसी का कहना है कि यह स्टेशन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर में जनसंख्या और कार्यालयों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में यह स्टेशन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और शहरी परिवहन का एक अहम केंद्र बनेगा।
नवा रायपुर के लिए बड़ी उपलब्धि
प्रदेश के पहले अंडरग्राउंड स्टेशन के निर्माण से नवा रायपुर को नई पहचान मिलने जा रही है। यह परियोजना न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि छत्तीसगढ़ को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के मानचित्र पर भी मजबूत स्थान दिलाएगी।

