बजट प्रावधानों से छत्तीसगढ़ खनिज विकास का हब बनेगा, खनन, रोजगार, आवास और डीएमएफ फंड से शिक्षा-स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार के नवीन बजट प्रावधानों के बाद प्रदेश को खनिज विकास के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। सरकार का दावा है कि इन प्रावधानों से छत्तीसगढ़ को खनन क्षेत्र से लेकर आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक विकास तक सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य के बजट में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन, नई खदानों की शुरुआत, खनिज आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। छत्तीसगढ़ पहले से ही कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, डोलोमाइट और टिन जैसे महत्वपूर्ण खनिजों से समृद्ध राज्य है।
खनिज संपदा से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
सरकारी अधिकारियों के अनुसार बजट में खनन परियोजनाओं के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर बड़ा प्रावधान किया गया है। खदानों तक पहुंचने के लिए सड़क, बिजली और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे खनिज उत्पादन में तेजी आएगी और राज्य की राजस्व आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज आपूर्ति केंद्र के रूप में उभरेगा।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
बजट में खनिज क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने का भी प्रावधान किया गया है। खनन, मशीन ऑपरेशन, सुरक्षा प्रबंधन और तकनीकी सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षण देकर युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि खनिज आधारित उद्योगों में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक विकास हो सके।
डीएमएफ फंड से होगा सामाजिक विकास
सरकार ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया है। डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल व्यवस्था, सड़क, आवास और कौशल केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना तैयार की गई है।
आवास और बुनियादी सुविधाओं पर सीधा असर
बजट प्रावधानों के तहत खनिज क्षेत्रों में श्रमिकों और स्थानीय निवासियों के लिए आवासीय सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि खनन से प्राप्त राजस्व का एक बड़ा हिस्सा क्षेत्रीय विकास योजनाओं में लगाया जाएगा, जिससे आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार होगा।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
सरकार ने खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण को संतुलित रखने का भी संकल्प लिया है। बजट में खदान क्षेत्रों में हरित पट्टी विकास, जल संरक्षण और भूमि पुनर्स्थापन (रीक्लेमेशन) के लिए अलग से राशि का प्रावधान किया गया है।
उद्योग और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
बजट के माध्यम से खनिज आधारित उद्योगों में निवेश को आकर्षित करने के लिए नई नीतियां लागू की जाएंगी। स्टील, पावर, एल्युमिनियम और सीमेंट उद्योगों को बढ़ावा देकर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने की योजना है।
सरकार का दावा है कि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार सृजित होंगे।
छत्तीसगढ़ बनेगा खनिज विकास का हब
राज्य सरकार के मुताबिक बजट प्रावधानों का प्रभाव आने वाले वर्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा और छत्तीसगढ़ खनिज उत्पादन, खनिज आधारित उद्योग और सामाजिक विकास के समन्वय के साथ देश के प्रमुख खनिज विकास हब के रूप में स्थापित होगा।

