गरियाबंद। बहू ने सास की हत्या कर शव जलाया
जिले में हुए एक अंधे कत्ल का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। तीन दिनों की गहन जांच के बाद पुलिस ने न केवल मृतिका की पहचान की, बल्कि हत्या की खौफनाक साजिश रचने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
जलती चिता में छिपा था खौफनाक सच
19 मार्च 2025 को ग्राम हाथबाय से गरभनतोरा जाने वाले जंगल में लकड़ी के जले हुए चट्टान के पास एक अज्ञात महिला का अधजला शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। जांच में सामने आया कि पहचान मिटाने के लिए शव को आग के हवाले किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गरियाबंद थाना और स्पेशल टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया, और जल्द ही गुमशुदगी की एक रिपोर्ट सामने आई। 60 वर्षीय समारी बाई यादव पिछले तीन दिनों से लापता थी, और यह गुमशुदगी तथा जले हुए शव का मिलना किसी गहरे राज की ओर इशारा कर रहा था।
साजिश का पर्दाफाश: बहू ने रची थी खतरनाक योजना
जांच के दौरान पुलिस ने मृतिका के बेटे और बहू से पूछताछ की। बयान में सामने आया कि आखिरी बार समारी बाई को हाथबाय के कृष्ण कुमार पात्रे के साथ देखा गया था, जो घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने कृष्णा को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया, जहां उसने जुर्म कबूल लिया।
कातिल ने बताया कि समारी बाई की बहू लक्ष्मी यादव अपनी सास से छुटकारा पाना चाहती थी। बहू ने अपनी सास की संपत्ति और पैसों पर कब्जा करने के लिए कृष्णा को हत्या के लिए उकसाया और सौदा तय किया कि बदले में अटल आवास योजना के तहत मिलने वाला घर कृष्णा के नाम कर दिया जाएगा।
धोखे से बुलाकर दी दर्दनाक मौत
18 मार्च की रात, कृष्णा ने समारी बाई को किसी बहाने से बुलाया और मौका देखकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। फिर, लाश को मोटरसाइकिल से जंगल ले जाकर लकड़ियों के ढेर में डालकर जला दिया ताकि पहचान न हो सके।
तीन दिन में केस सुलझाया, दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर हत्यारे कृष्ण कुमार पात्रे और साजिशकर्ता लक्ष्मी यादव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
स्पेशल टीम की बड़ी कामयाबी
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव और उनकी टीम ने विशेष भूमिका निभाई। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
गिरफ्तार आरोपी:
- कृष्ण कुमार पात्रे (36 वर्ष) – हाथबाय, गरियाबंद
- लक्ष्मी यादव (40 वर्ष) – अंबेडकर चौक, गरियाबंद

