भारत-माला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम हाईवे पर हर 10 किमी में स्पीड डिस्प्ले और दुर्घटना पर त्वरित अलर्ट सिस्टम लगाया जाएगा।
रायपुर। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारत माला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग पर अत्याधुनिक ट्रैफिक सेफ्टी सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पूरे मार्ग पर हर 10 किलोमीटर की दूरी पर डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि वाहन चालकों को रियल-टाइम गति की जानकारी मिल सके और ओवर-स्पीडिंग पर नियंत्रण हो।
यह महत्वपूर्ण परियोजना छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लेकर आंध्रप्रदेश के प्रमुख बंदरगाह शहर विशाखापट्टनम तक प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पर लागू की जा रही है।
सड़क हादसों पर तुरंत पहुंचेगा अलर्ट
नई व्यवस्था के तहत हाईवे पर किसी भी दुर्घटना की स्थिति में सिस्टम के माध्यम से तुरंत कंट्रोल रूम और संबंधित प्रशासनिक इकाइयों को अलर्ट भेजा जाएगा। इससे एम्बुलेंस, पुलिस और राहत दल को मौके पर पहुंचने में कम समय लगेगा और घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार इस स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, ऑटोमेटिक इवेंट डिटेक्शन और जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग शामिल होगी।
हर 10 किलोमीटर में लगेगा डिजिटल स्पीड डिस्प्ले
रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे पर लगाए जाने वाले डिजिटल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड वाहन चालकों को उनकी गति और निर्धारित सीमा की जानकारी देंगे। इससे चालक स्वयं अपनी स्पीड पर नियंत्रण रख सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर लगातार गति की जानकारी दिखने से ड्राइवरों का व्यवहार अधिक जिम्मेदार बनता है और दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आती है।
ब्लैक स्पॉट पर रहेगा विशेष फोकस
हाईवे पर पहले से चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर अतिरिक्त कैमरे, चेतावनी संकेतक और हाई-इंटेंसिटी फ्लैश लाइट्स लगाई जाएंगी। इन स्थानों पर नियंत्रण कक्ष से सीधी निगरानी भी की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि ब्लैक स्पॉट पर विशेष निगरानी से गंभीर दुर्घटनाओं को पहले ही रोका जा सकेगा।
ट्रैफिक निगरानी के लिए बनेगा आधुनिक कंट्रोल रूम
परियोजना के अंतर्गत एक केंद्रीय ट्रैफिक कंट्रोल रूम भी विकसित किया जाएगा, जहां से पूरे हाईवे की निगरानी की जाएगी। यहां लाइव वीडियो फीड, ट्रैफिक फ्लो, औसत गति और किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
दुर्घटना या जाम की स्थिति में सिस्टम संबंधित एजेंसियों को स्वतः सूचना भेजेगा।
यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित और सुगम सफर
रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच यह मार्ग औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में भारी वाहन, कंटेनर और यात्री बसें इस मार्ग से गुजरती हैं।
नई सुरक्षा व्यवस्था लागू होने से न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन में भी सुगमता आएगी।
छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई दिशा
यह परियोजना विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या चिंता का विषय रही है।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में राज्य के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी इसी तरह की स्मार्ट ट्रैफिक तकनीक लागू करने की योजना है।
तकनीक से बदलेगा हाईवे का चेहरा
इस परियोजना के माध्यम से हाईवे पर पारंपरिक ट्रैफिक संकेतों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम भी काम करेगा। यह सिस्टम तेज गति, गलत दिशा में वाहन चलाना, अचानक रुकावट और भीड़भाड़ की स्थिति को स्वतः पहचान लेगा।
जैसे ही कोई असामान्य स्थिति बनती है, संबंधित विभाग को तुरंत अलर्ट भेज दिया जाएगा।
अधिकारियों की अपील – नियमों का पालन करें
परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि डिजिटल स्पीड डिस्प्ले और चेतावनी संकेतों को गंभीरता से लें। सुरक्षित ड्राइविंग ही दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीक तभी सफल होगी, जब लोग नियमों का पालन करेंगे।
भारत-माला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे पर शुरू की जा रही यह नई पहल आने वाले समय में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन का आधुनिक मॉडल बन सकती है।

