एसआईआर अभियान में अभी नाम जुड़वाना आसान है, देर करने पर अगले सत्यापन में कड़े दस्तावेज देने होंगे और मतदान अधिकार खतरे में पड़ सकता है।
रायपुर। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) अभियान को लेकर प्रशासन ने मतदाताओं को बड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि जो लोग इस बार मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने या त्रुटि सुधार का मौका नहीं लेंगे, उन्हें अगले एसआईआर अभियान में कहीं ज्यादा कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इस बार प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल रखी गई है, लेकिन भविष्य में नाम जोड़ने, उम्र सुधारने या पते में संशोधन के लिए पुख्ता और अधिक दस्तावेजों की अनिवार्यता तय की जाएगी।
अभी सरल प्रक्रिया, आगे बढ़ेगी सख्ती
वर्तमान एसआईआर अभियान में आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्कूल प्रमाणपत्र या हलफनामा जैसे सीमित दस्तावेजों से भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। लेकिन अधिकारियों के अनुसार, अगले चरण में यह छूट नहीं मिलेगी।
अगले एसआईआर में मतदाता से —
- जन्म प्रमाणपत्र
- स्थायी निवास प्रमाण
- माता-पिता के मतदाता पहचान पत्र
- संपत्ति या स्कूल रिकॉर्ड
जैसे मजबूत साक्ष्य मांगे जा सकते हैं। ऐसे में अभी नाम जुड़वाना या त्रुटि सुधार कराना सबसे आसान रास्ता माना जा रहा है।
हजारों नाम अब भी सूची से बाहर
चुनाव विभाग के अनुसार रायपुर जिले में अब भी हजारों पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं। बड़ी संख्या में —
- नए 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवा
- हाल ही में शिफ्ट हुए परिवार
- शादी के बाद नाम बदली महिलाएं
- ग्रामीण इलाकों के श्रमिक
अब भी सूची से बाहर हैं।
यदि समय रहते नाम नहीं जुड़ा तो आगामी चुनावों में मतदान से वंचित रहना पड़ सकता है।
अधिकारियों की अपील – मौका न गंवाएं
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह अभियान अंतिम अवसर जैसा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में वोटर लिस्ट की शुद्धता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया को और कड़ा किया जाएगा।
उनका कहना है कि—
“अभी नाम जुड़वाने या संशोधन कराने में ज्यादा परेशानी नहीं है, लेकिन अगले एसआईआर में हर दावे की गहन जांच होगी।”
क्यों जरूरी है अभी नाम जुड़वाना?
विशेषज्ञों के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज न होना केवल मतदान अधिकार से वंचित होना नहीं है, बल्कि कई सरकारी योजनाओं, पहचान प्रमाण और प्रशासनिक सेवाओं में भी दिक्कतें खड़ी कर सकता है।
नाम जुड़वाने से —
- मतदान का अधिकार सुरक्षित रहेगा
- सरकारी योजनाओं में पहचान आसान होगी
- भविष्य में दस्तावेजी झंझट से बचाव होगा
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा
प्रशासन ने नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
ऑनलाइन माध्यम से
मतदाता voter.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर —
- नया नाम जोड़ सकते हैं
- पता या उम्र सुधार सकते हैं
- फोटो अपडेट कर सकते हैं
ऑफलाइन माध्यम से
निकटतम बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर), मतदान केंद्र या तहसील कार्यालय में जाकर फार्म भर सकते हैं।
ग्रामीण और अशिक्षित वर्ग को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
अधिकारियों ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, मजदूर वर्ग और अशिक्षित नागरिकों से अपील की है कि वे बीएलओ की मदद लें और अभी ही दस्तावेज पूरे कर लें।
कई मामलों में देखा गया है कि आधार और राशन कार्ड के अलावा अन्य प्रमाण न होने से आवेदन निरस्त हो जाते हैं। अगले चरण में यह समस्या और बढ़ सकती है।
राजनीतिक दल भी सक्रिय
मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। पार्टियां अपने-अपने कार्यकर्ताओं के जरिए मतदाताओं को जागरूक कर रही हैं ताकि समर्थकों के नाम सूची में दर्ज हो सकें।
विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह अभियान बेहद अहम साबित होगा।
प्रशासन का संदेश – आज की सुविधा, कल की परेशानी से बचाव
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि —
“जो आज नाम नहीं जुड़वाएगा, उसे कल ज्यादा कागजात, ज्यादा जांच और ज्यादा समय देना पड़ेगा।”
इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं।

