SIR ड्यूटी के दौरान ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं होने से रायपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन काटा गया, तकनीकी खामियों को लेकर नाराजगी बढ़ी।
रायपुर। राज्य में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) ड्यूटी के दौरान तकनीकी खामियों और प्रशासनिक सख्ती का खामियाजा अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने के कारण कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन काट दिया गया, जिससे उनमें भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे फील्ड में पूरे समय ड्यूटी कर रही थीं, लेकिन नेटवर्क समस्या, तकनीकी दिक्कत और ऐप की गड़बड़ी के कारण ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं हो सकी। इसके बावजूद बिना जांच के वेतन काट देना अन्यायपूर्ण है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में रायपुर सहित कई जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को SIR ड्यूटी में लगाया गया था। इस दौरान उपस्थिति के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया। आदेश के अनुसार समय पर लॉगिन और लोकेशन के साथ हाजिरी जरूरी थी।
लेकिन—
- कई क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर रहा
- मोबाइल ऐप बार-बार हैंग हुआ
- लोकेशन अपडेट नहीं हो पाई
- फील्ड में लगातार मूवमेंट के कारण सिस्टम एरर आया
इन कारणों से सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पाई।
बिना जांच सीधे काटा वेतन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ग्राउंड रिपोर्ट या मैन्युअल सत्यापन के बिना ही वेतन कटौती कर दी गई। कई कार्यकर्ताओं का एक से तीन दिन तक का वेतन काटा गया है।
एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया,
“सुबह से शाम तक घर-घर जाकर SIR का काम किया, लेकिन नेटवर्क नहीं मिलने से हाजिरी नहीं लगी। अब वेतन काट दिया गया, जबकि हमारी गलती नहीं थी।”
महिला कार्यकर्ताओं पर बढ़ा आर्थिक दबाव
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहले से ही सीमित मानदेय पर काम करती हैं। ऐसे में वेतन कटौती से—
- घरेलू खर्च प्रभावित हुआ
- मानसिक तनाव बढ़ा
- प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ी
कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर तकनीकी कारणों से महिलाओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
संगठनों ने उठाई आवाज
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ और महिला संगठनों ने इस मामले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मांग की है कि—
- SIR ड्यूटी की ऑफलाइन उपस्थिति भी मान्य की जाए
- वेतन कटौती तुरंत वापस ली जाए
- तकनीकी खामियों की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो
- भविष्य में फील्ड ड्यूटी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए
प्रशासन का पक्ष
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन हाजिरी शासन का निर्देश है और उसी के आधार पर भुगतान किया जाता है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा है कि यदि तकनीकी समस्या के प्रमाण सामने आते हैं तो मामले की समीक्षा की जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मौका नहीं है जब ऑनलाइन सिस्टम के कारण फील्ड स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ी हो। इससे पहले भी—
- स्वास्थ्य कर्मियों
- मितानिनों
- पंचायत स्तर के कर्मचारियों
को ऑनलाइन हाजिरी के चलते वेतन और मानदेय संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
सवालों के घेरे में सिस्टम
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि—
- क्या ऑनलाइन सिस्टम ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पूरी तरह सक्षम है?
- क्या ग्राउंड लेवल कर्मचारियों की समस्याओं को समझा जा रहा है?
- क्या तकनीकी गलती की सजा कर्मचारियों को देना उचित है?
निष्कर्ष
SIR ड्यूटी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन कटना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है। जरूरत है कि सरकार तकनीक के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाए, ताकि मेहनत करने वाले कर्मचारियों के साथ अन्याय न हो।

