रायपुर में चार दोस्तों ने मरीजों के परिजनों की परेशानी देखकर रोज भोजन कराने का संकल्प लिया। 1364 दिनों में करीब ढाई लाख लोगों को भोजन कराया।
मरीजों के परिजनों की परेशानी से शुरू हुई सेवा
राजधानी रायपुर में मानवता और सेवा की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। चार दोस्तों ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों की परेशानी देखकर उन्हें रोजाना भोजन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
धीरे-धीरे यह छोटा सा प्रयास एक बड़े सेवा अभियान में बदल गया। आज यह पहल हजारों जरूरतमंद लोगों के लिए सहारा बन चुकी है।
चार दोस्तों ने शुरू की पहल
इस सेवा कार्य की शुरुआत चार दोस्तों ने मिलकर की थी। अस्पतालों के बाहर कई बार उन्होंने देखा कि मरीजों के परिजन घंटों भूखे रहते हैं क्योंकि उनका पूरा ध्यान मरीज की देखभाल में लगा रहता है।
इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने निर्णय लिया कि रोजाना ऐसे जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया जाएगा।
लोगों का मिलता गया सहयोग
शुरुआत में यह प्रयास सीमित स्तर पर किया गया था, लेकिन जैसे-जैसे लोगों को इस सेवा के बारे में जानकारी मिलती गई, वैसे-वैसे सहयोग करने वालों की संख्या भी बढ़ती गई।
लोगों ने आर्थिक मदद के साथ-साथ स्वयं आकर सेवा देने की भी पहल की। इसी कारण यह अभियान लगातार आगे बढ़ता गया।
1364 दिनों तक लगातार सेवा
चार दोस्तों द्वारा शुरू किया गया यह सेवा अभियान लगातार 1364 दिनों तक चलता रहा। इस दौरान उन्होंने बिना किसी रुकावट के रोजाना भोजन वितरण का कार्य जारी रखा।
उनकी इस मेहनत और समर्पण का परिणाम यह हुआ कि अब तक करीब ढाई लाख जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया जा चुका है।
अस्पतालों के बाहर मिलती है राहत
भोजन वितरण का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों को राहत देना है। कई बार लोग दूर-दराज के गांवों से इलाज के लिए शहर आते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण भोजन की व्यवस्था नहीं कर पाते।
ऐसे लोगों के लिए यह सेवा अभियान बड़ी राहत साबित हो रहा है।
समाज में सेवा की मिसाल
इस पहल ने समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया है। कई सामाजिक संगठन और युवा भी इस अभियान से प्रेरित होकर मदद के लिए आगे आए हैं।
चार दोस्तों का यह प्रयास अब एक बड़े कारवां का रूप ले चुका है।
आगे भी जारी रहेगा सेवा कार्य
इस सेवा अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल जरूरतमंद लोगों की मदद करना है।
वे भविष्य में भी इस सेवा कार्य को जारी रखने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

