दंतेवाड़ा। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने दंतेवाड़ा के विकास कार्यों की सराहना की।
रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी) के अध्ययन यात्रा-2025 के अंतर्गत 18 वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को दंतेवाड़ा पहुंचा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित सामाजिक और आर्थिक विकास योजनाओं का अवलोकन करना था। अधिकारियों ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया और जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी डेनेक्स फैक्ट्री
अधिकारियों ने अपने दौरे की शुरुआत गीदम स्थित डेनेक्स गारमेंट फैक्ट्री से की। जिला प्रशासन द्वारा स्थापित इस फैक्ट्री का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। अधिकारियों को बताया गया कि इस फैक्ट्री में तैयार किए गए वस्त्र “डेनेक्स” ब्रांड के तहत बाजार में बेचे जाते हैं। वर्तमान में जिले में चार गारमेंट फैक्ट्रियां कार्यरत हैं, जो लगभग 1,200 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती हैं।
अधिकारियों ने यहां कार्यरत महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभवों को जाना। महिलाओं ने बताया कि इस पहल से उन्हें न केवल आर्थिक संबल मिला है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और इसे अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक मॉडल करार दिया।
लोन वर्राटू अभियान: पुनर्वास की नई राह
इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने कारली स्थित नक्सल पीड़ित पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। अधिकारियों को बताया गया कि “लोन वर्राटू” (घर वापसी) अभियान के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
अधिकारियों को अवगत कराया गया कि इस केंद्र में रहने वाले लोगों को स्वरोजगार, खेती-किसानी, और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, बच्चों को शिक्षा और अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल हिंसा से प्रभावित परिवारों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

एजुकेशन सिटी: शिक्षा का नया केंद्र
प्रतिनिधि मंडल ने दंतेवाड़ा में एजुकेशन सिटी, जावंगा का भी दौरा किया। उन्होंने विशेष रूप से सक्षम-2 नामक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय का अवलोकन किया। अधिकारियों को बताया गया कि यहां दृष्टिबाधित छात्रों के लिए “एनी डिवाइस” नामक स्मार्ट लर्निंग टूल उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे आसानी से ब्रेल लिपि सीख सकते हैं।
अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने इस प्रयास को सराहनीय बताते हुए कहा कि एजुकेशन सिटी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधनों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।
घुड़सवारी प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण
इसके बाद अधिकारियों ने अश्व संचालन (घुड़सवारी) प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां छात्रों को घुड़सवारी के प्रशिक्षण के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर छात्रों ने एक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी, जिसमें गीत-संगीत के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने इस कार्यक्रम की सराहना की और इसे युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
नव गुरुकुल: टेक्नोलॉजी और करियर गाइडेंस का केंद्र
प्रतिनिधि मंडल ने नव गुरुकुल संस्था का भी दौरा किया, जहां छात्रों को निःशुल्क सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की शिक्षा दी जा रही है। अधिकारियों को बताया गया कि यह कार्यक्रम 18 महीने का विशेष पाठ्यक्रम है, जिसमें छात्रों को पीईटी, पीएमटी, आईआईटी, जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है।
इसके अलावा, छात्रों को इंग्लिश कम्युनिकेशन, लीडरशिप और डिजिटल स्किल्स से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। अधिकारियों ने इस प्रयास को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी विकास की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया और इसे अन्य जिलों में भी लागू करने की सिफारिश की।
जिले के विकास कार्यों को सराहना
इस पूरे दौरे के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने दंतेवाड़ा में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नक्सल पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में किए जा रहे ये प्रयास अन्य स्थानों के लिए अनुकरणीय मॉडल बन सकते हैं।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने जिले में हो रहे इन सकारात्मक बदलावों की सराहना की और भविष्य में इन प्रयासों को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
निष्कर्ष
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दंतेवाड़ा जिले के विकास कार्यों का अवलोकन इस बात को दर्शाता है कि शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास के क्षेत्र में किए गए प्रयास किस प्रकार समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। महिला आत्मनिर्भरता से लेकर नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास तक, दंतेवाड़ा में हो रहे ये प्रयास समाज की मुख्यधारा में हर वर्ग को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

