RTE प्रतिपूर्ति बढ़ाने को स्कूल बंद
📑 इस लेख मेंRTE प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ने पर 18 अप्रैल को प्रदेश के निजी स्कूल बंद रहेंगे, 17 अप्रैल को काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध17 अप्रैल को…
RTE प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ने पर 18 अप्रैल को प्रदेश के निजी स्कूल बंद रहेंगे, 17 अप्रैल को काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध
रायपुर। प्रदेश के निजी स्कूलों ने राइट टू एजुकेशन अधिनियम (RTE) के तहत प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाए जाने के विरोध में 18 अप्रैल को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके पहले 17 अप्रैल को निजी स्कूलों के शिक्षक और प्रबंधन काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इस निर्णय से प्रदेशभर के हजारों निजी स्कूल प्रभावित होंगे और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की पढ़ाई एक दिन के लिए प्रभावित हो सकती है। 📚
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि स्कूलों के संचालन खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
17 अप्रैल को काली पट्टी बांधकर विरोध
निजी स्कूलों के संचालकों ने बताया कि 17 अप्रैल को सभी स्कूलों में शिक्षक और स्टाफ काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध करेंगे। इसके बाद भी यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 18 अप्रैल को स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। ✊
इस दौरान स्कूल प्रबंधन सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह विरोध छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ने से परेशानी
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि RTE के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इसके बदले सरकार स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि देती है, लेकिन यह राशि कई वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है।
इस बीच स्कूलों के खर्च जैसे:
- शिक्षकों का वेतन
- बिजली बिल
- भवन रखरखाव
- डिजिटल शिक्षा संसाधन
- अन्य प्रशासनिक खर्च
लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में स्कूल संचालकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
लंबित भुगतान का भी मुद्दा
निजी स्कूलों ने यह भी बताया कि कई स्कूलों को पिछले वर्षों की प्रतिपूर्ति राशि भी समय पर नहीं मिली है। इससे स्कूलों के संचालन पर असर पड़ रहा है।
स्कूल संचालकों ने सरकार से लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग भी की है। 🧾
सरकार से समाधान की उम्मीद
निजी स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि उनका उद्देश्य पढ़ाई बाधित करना नहीं है, बल्कि सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर दिलाना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेगी और प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने पर विचार करेगी।
छात्रों और अभिभावकों की चिंता
स्कूल बंद रहने के निर्णय से अभिभावकों में भी चिंता देखी जा रही है। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि विरोध केवल एक दिन के लिए है और छात्रों की पढ़ाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
प्रदेशभर में होगा असर
इस निर्णय का असर पूरे छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों पर पड़ेगा। कई स्कूल संगठनों ने भी इस विरोध को समर्थन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में और बड़े आंदोलन की संभावना भी बन सकती है।
बातचीत से समाधान की उम्मीद
निजी स्कूल संचालकों ने सरकार से जल्द बैठक कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किए बिना समाधान निकाला जाना चाहिए।
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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
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