रायपुर में आरआई पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों को होटल-फार्महाउस में ठहराकर उत्तर रटवाए गए और सबूत मिटाने के लिए नोट्स जला दिए गए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर भर्ती परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी रायपुर में सामने आए आरआई (राजस्व निरीक्षक) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को पहले से तय होटल और फार्महाउस में ठहराया गया, जहां उन्हें कथित रूप से प्रश्न-उत्तर रटवाए गए और बाद में सबूत मिटाने के लिए नोट्स जला दिए गए।
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ में चल रही भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
होटल और फार्महाउस बने “कोचिंग सेंटर”
जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से कुछ दिन पहले अभ्यर्थियों को रायपुर के अलग-अलग इलाकों में स्थित होटल और फार्महाउस में ठहराया गया था। इन स्थानों को अस्थायी “कोचिंग सेंटर” की तरह इस्तेमाल किया गया, जहां चयनित अभ्यर्थियों को संभावित प्रश्नों के उत्तर लिखित और मौखिक रूप से रटवाए गए।
पूरे घटनाक्रम को बेहद गोपनीय रखा गया था और बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्त रोक थी।
उत्तर रटवाने के बाद जलाए गए नोट्स
जांच में यह भी सामने आया है कि अभ्यर्थियों को जिन कागजों और नोट्स के जरिए उत्तर रटवाए गए थे, उन्हें परीक्षा से ठीक पहले जला दिया गया। माना जा रहा है कि यह सबूत मिटाने की सुनियोजित साजिश थी, ताकि किसी भी तरह की तलाशी या छापेमारी के दौरान कोई दस्तावेज हाथ न लगे।
कुछ गवाहों के बयान में यह भी सामने आया है कि रात के समय फार्महाउस परिसर में कागज जलाए गए थे।
दलालों और संपर्क सूत्रों की भूमिका
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में दलालों, परीक्षा से जुड़े कुछ जानकारों और अभ्यर्थियों के बीच मजबूत संपर्क था। अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली गई और उन्हें परीक्षा में सफलता दिलाने का भरोसा दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग अभ्यर्थियों से अलग-अलग दरों पर रकम ली गई, जो लाखों रुपये तक बताई जा रही है।
मोबाइल और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे
जांच एजेंसियां अब आरोपियों और संदिग्ध अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और चैट रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। होटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल सबूतों से इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
परीक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
आरआई भर्ती परीक्षा पहले से ही बड़ी संख्या में युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में इस तरह का पेपर लीक और उत्तर रटवाने का मामला सामने आने से हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
शिक्षाविदों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर सख्त और त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो परीक्षाओं पर से भरोसा उठता जाएगा।
होटल संचालकों से भी पूछताछ
जांच के दौरान उन होटल और फार्महाउस के संचालकों से भी पूछताछ की जा रही है, जहां अभ्यर्थियों को ठहराया गया था। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या संचालकों को इस गतिविधि की जानकारी थी या केवल कमरा किराए पर देने तक ही उनकी भूमिका सीमित थी।
बुकिंग किसने कराई, भुगतान किस माध्यम से हुआ और कितने दिन तक अभ्यर्थी वहां रुके—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
गिरोह के और सदस्यों की तलाश
पुलिस और जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसी वजह से अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
अभ्यर्थियों के बयान बनेंगे अहम कड़ी
जांच में शामिल अभ्यर्थियों के बयान इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माने जा रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने स्वीकार किया है कि उन्हें होटल में विशेष रूप से बुलाया गया था और परीक्षा से पहले चयनित उत्तर रटवाए गए थे।
इन बयानों के आधार पर अब मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
राज्य स्तर पर सख्त कार्रवाई के संकेत
राज्य सरकार की ओर से भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
आरआई पेपर लीक कांड ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर और सशक्त बनाने की जरूरत है।

