रायपुर। गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने राजधानी रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इस मौके पर राज्यपाल डेका ने प्रदेशवासियों को 76वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी और अपने संबोधन में प्रदेश की समृद्धि और विकास के लिए सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
जननी और जन्मभूमि की महिमा
राज्यपाल ने अपने संदेश की शुरुआत भारतीय संस्कृति की अनमोल परंपरा “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” से की, जिसमें जन्मभूमि और मातृभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने कहा, “हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमें इस धरती में जन्म लेने का पुण्य मिला और हम एक स्वतंत्र देश में, एक उत्कृष्ट संविधान के तहत सुखमय जीवन बिता रहे हैं। यह सब हमारे स्वातंत्र्य वीरों और शहीदों के साहस का परिणाम है।”
छत्तीसगढ़ की रजत जयंती और अटल जी की याद
राज्यपाल ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की रजत जयंती पर प्रसन्नता जताई और साथ ही इसे भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “हमारे प्रदेश के तेजी से हो रहे विकास की प्रेरणा अटल जी के सुशासन और समावेशी विकास की सोच से मिली है।”

बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर और संविधान का योगदान
राज्यपाल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “डॉ. अंबेडकर ने हमारे संविधान के माध्यम से एक ऐसा गणतंत्र स्थापित किया, जिसमें हर नागरिक को अपनी गरिमा और स्वतंत्रता का पूर्ण अधिकार मिला।”
समाज के हर वर्ग के विकास की प्रतिबद्धता
राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के हर वर्ग के विकास के लिए संकल्पित है। सरकार ने गरीबों और किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने 68 लाख परिवारों को पांच सालों तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया और साथ ही 3 लाख अतिरिक्त आवास निर्माण की स्वीकृति भी दी।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण
राज्यपाल ने प्रदेश के किसानों के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य दिया है, जो देश में सबसे अधिक है। इसके अलावा, भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों को सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
राज्यपाल ने महिलाओं के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार का बजट बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर पा रही हैं।
व्यवसायिक अवसर और निवेश की दिशा में छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ को एक निवेश के लिए अनुकूल राज्य बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे प्रदेश में उद्योगपतियों को निवेश करने के लिए आकर्षक अवसर मिल रहे हैं। आगामी पांच वर्षों में 2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है, जिससे पांच लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
माओवाद के खिलाफ संघर्ष और शांति की दिशा
राज्यपाल ने प्रदेश में माओवादियों के खिलाफ सरकार द्वारा किए गए कठोर कदमों का उल्लेख किया और कहा कि इस दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की योजनाएं लागू की हैं, जिनमें स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा और सामुदायिक सुविधाओं का समावेश किया गया है।
पारदर्शी शासन और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा
राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शी और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दे रही है। विभागों में आईटी टूल्स के इस्तेमाल से पारदर्शिता और कार्यों में समयबद्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा, ई-ऑफिस प्रणाली और ऑनलाइन ट्रांजिट पास जैसे कदम भी सरकार द्वारा उठाए गए हैं।
सांसद परीक्षा में पारदर्शिता और युवाओं की तैयारी
प्रदेश के युवाओं को यूपीएससी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए राज्य सरकार ने पीएससी परीक्षाओं को यूपीएससी के तर्ज पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाकर 185 की गई है।
पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं की भरमार
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के क्षेत्र में विकास की संभावनाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास को एशिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल होने का उल्लेख किया और कहा कि सरकार पर्यटन क्षेत्र को और अधिक विकसित करने के लिए प्रयासरत है।
आध्यात्मिक सुख की ओर कदम
राज्यपाल ने राज्य सरकार द्वारा आध्यात्मिक सुख देने के प्रयासों को भी साझा किया। उन्होंने अयोध्याधाम श्रीरामलला दर्शन योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत 20 हजार से अधिक लोग अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा, प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में निर्णायक कदम
राज्यपाल ने अंत में प्रदेशवासियों से अपील की कि वे मिलकर राज्य के विकास की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि “हमारा सपना एक विकसित छत्तीसगढ़ का है, जो निश्चित रूप से साकार होगा।”
गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ को समृद्धि, विकास और शांति की दिशा में और अधिक मजबूती से कदम बढ़ाने का संकल्प लिया।

