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रायपुर में राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: मुख्यमंत्री साय ने कहा – खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच

रायपुर में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है, जिसे राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने की सरकार की प्राथमिकता पर जोर दिया।

📅 8 June 2026, 2:17 am अपडेट: 8 June 2026
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राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ
Photo by Amit Rai on Pexels

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जल्द ही एक भव्य खेल आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे एक राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ बताते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। यह आयोजन प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री का संबोधन और खेल विकास पर जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता खेल प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

खेल: अनुशासन और व्यक्तित्व विकास का आधार

श्री साय ने खेलों के बहुआयामी महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समग्र व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त आधार हैं। खेल मैदान पर सीखा गया हर पाठ जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी बनता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से स्वयं को और समाज को सशक्त करें। ऐसे राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ युवाओं में खेल भावना जगाते हैं।

‘पहाड़ी मैना’ का अनावरण: छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान

प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का अनावरण एक महत्वपूर्ण क्षण था। पहाड़ी मैना छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी है और यह राज्य की समृद्ध जैव विविधता एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस मस्कट का चयन प्रतियोगिता के लिए छत्तीसगढ़ की स्थानीय पहचान को राष्ट्रीय पटल पर लाने का एक प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पहाड़ी मैना’ खिलाड़ियों में उत्साह का संचार करेगी और उन्हें छत्तीसगढ़ की धरती पर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। यह राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़ाव का भी प्रतीक है।

राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ
कायाकिंग केनोईंग प्रतियोगिता में खिलाड़ी, राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ के उत्साह को दर्शाते हुए।

खिलाड़ियों को बेहतर अवसर: सरकार का संकल्प

राज्य सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहायता और सुविधा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल अकादमियों की स्थापना, प्रशिक्षण सुविधाओं में सुधार और राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की मेजबानी जैसे कदम इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बना सकें। यह राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ इसी संकल्प का एक हिस्सा है, जो युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगा।

राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: भविष्य की प्रेरणा

रायपुर में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह आयोजन न केवल वर्तमान खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा, बल्कि नई पीढ़ी के बच्चों और युवाओं को भी जल क्रीड़ाओं में रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि इस राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ से छत्तीसगढ़ में कायाकिंग-केनोईंग जैसे खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और राज्य आने वाले समय में इन खेलों का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

विरात महानगर का विश्लेषण: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ का आयोजन राज्य सरकार की खेल विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह कथन कि खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता है, प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ऐसे आयोजनों से न केवल खिलाड़ियों को अवसर मिलते हैं, बल्कि राज्य की छवि भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है।

राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q. रायपुर में कौन सी राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित हो रही है?
A. रायपुर में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता आयोजित हो रही है, जिसे राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ कहा जा रहा है।

Q. प्रतियोगिता के मस्कट का नाम क्या है और इसका क्या महत्व है?
A. प्रतियोगिता का मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ है, जो छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी है। यह राज्य की स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

Q. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खेलों के बारे में क्या कहा?
A. मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Q. छत्तीसगढ़ सरकार खेल विकास के लिए क्या कदम उठा रही है?
A. राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत कर रही है और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध करा रही है। ऐसे राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

Q. इस राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ का छत्तीसगढ़ पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A. यह राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगा, राज्य की खेल पहचान को मजबूत करेगा और जल क्रीड़ाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ इन खेलों का केंद्र बन सकेगा।

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आधिकारिक संदर्भ: युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार

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