डेटा प्राइवेसी पर उठ रहे सवाल: 31 आत्मानंद स्कूलों में 151 पदों की सरकारी भर्ती गूगल फॉर्म से, निजी सर्वर पर अभ्यर्थियों की जानकारी

- Advertisement -
vastuguruji
Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp

रायपुर में 31 आत्मानंद स्कूलों की 151 पदों की भर्ती गूगल फॉर्म से होने पर डेटा प्राइवेसी और अभ्यर्थियों की निजी जानकारी की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर डेटा सुरक्षा और अभ्यर्थियों की निजता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य के 31 आत्मानंद स्कूलों में 151 पदों पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन गूगल फॉर्म के माध्यम से मंगाए जाने का मामला सामने आया है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जानकारी निजी सर्वर पर संग्रहित होने की बात भी उजागर हुई है।

जानकारी के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना के तहत संचालित स्कूलों के लिए की जा रही है। इन स्कूलों में शिक्षक एवं अन्य शैक्षणिक पदों की पूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।


31 स्कूलों के लिए 151 पदों पर भर्ती

भर्ती से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित 31 आत्मानंद स्कूलों के लिए कुल 151 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसमें शिक्षक, अकादमिक स्टाफ और सहायक पद शामिल बताए जा रहे हैं।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया किसी अधिकृत सरकारी पोर्टल के बजाय सीधे गूगल फॉर्म के जरिए कराई जा रही है।


निजी सर्वर पर जा रहा है अभ्यर्थियों का डेटा

आवेदन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से नाम, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव प्रमाण पत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज और फोटो जैसे संवेदनशील विवरण मांगे गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गूगल फॉर्म के माध्यम से भरा गया डेटा सीधे निजी ई-मेल और निजी सर्वर से जुड़ा होता है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि उस जानकारी का नियंत्रण किसके पास है।

डिजिटल सुरक्षा से जुड़े जानकारों के अनुसार, सरकारी भर्तियों में आमतौर पर अधिकृत पोर्टल और सुरक्षित सर्वर का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों की निजी जानकारी सुरक्षित रह सके।


सरकारी भर्ती में निजी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सवालों के घेरे में

इस पूरे मामले में Google के फॉर्म टूल का इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी अंतरराष्ट्रीय निजी प्लेटफॉर्म पर सरकारी अभ्यर्थियों की जानकारी संग्रहित होना डेटा सुरक्षा के लिहाज से जोखिमपूर्ण हो सकता है।

कई लोगों का यह भी कहना है कि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का डेटा कितने समय तक सुरक्षित रखा जाएगा और उसे कौन एक्सेस कर सकेगा।


अभ्यर्थियों में चिंता का माहौल

भर्ती के लिए आवेदन करने वाले कई अभ्यर्थियों ने इस प्रक्रिया को लेकर असमंजस जताया है। उनका कहना है कि सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करते समय वे यह अपेक्षा करते हैं कि उनकी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित सरकारी सिस्टम में ही दर्ज होगी।

कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी बताया कि गूगल फॉर्म में किसी प्रकार की आधिकारिक गोपनीयता नीति या सरकारी डेटा सुरक्षा निर्देशों का उल्लेख नहीं किया गया है।


साइबर विशेषज्ञों की राय

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आज के दौर में डेटा केवल एक जानकारी नहीं, बल्कि एक डिजिटल संपत्ति बन चुका है। यदि सरकारी भर्ती जैसे संवेदनशील मामलों में निजी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है, तो इससे डेटा लीक, दुरुपयोग और पहचान की चोरी जैसी समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार को अपनी सभी भर्तियों के लिए एक केंद्रीकृत और सुरक्षित पोर्टल विकसित करना चाहिए, जिससे पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।


पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी उठे सवाल

इस भर्ती प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि आवेदन प्राप्त होने के बाद डेटा को किस विभाग के पास रखा जाएगा और चयन प्रक्रिया में उसका उपयोग किस स्तर पर किया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह सरकारी निगरानी में है, तो फिर आवेदन प्रक्रिया भी अधिकृत सरकारी वेबसाइट या सर्वर के माध्यम से ही होनी चाहिए थी।


सरकार से जवाब की मांग

मामले के सामने आने के बाद शिक्षा से जुड़े संगठनों और अभ्यर्थियों द्वारा इस पर जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाए कि—

  • गूगल फॉर्म का इस्तेमाल क्यों किया गया
  • अभ्यर्थियों का डेटा किस सर्वर पर सुरक्षित है
  • डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी

इस पूरे मामले में अब निगाहें छत्तीसगढ़ सरकार के रुख पर टिकी हैं।


पहले भी उठते रहे हैं डिजिटल प्रक्रिया पर सवाल

यह पहला मौका नहीं है जब किसी सरकारी प्रक्रिया में निजी प्लेटफॉर्म के उपयोग को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी विभिन्न विभागों में ऑनलाइन आवेदन और आंतरिक कार्यों में निजी ई-मेल और फॉर्म टूल के उपयोग पर आपत्तियां सामने आती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त डिजिटल नीति नहीं बनाई गई, तो भविष्य में सरकारी डेटा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन सकती है।


भरोसे पर भी असर

सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता मानी जाती है। लेकिन निजी प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन मंगाए जाने से अभ्यर्थियों का भरोसा भी प्रभावित हो रहा है।

अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या आगे से आत्मानंद स्कूलों सहित अन्य विभागों की भर्तियों में सुरक्षित सरकारी पोर्टल का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा।

Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp
Leave a Comment
- Advertisement -
Vastugurujivastuguruji

Recent News

Vastu Products

VastuGuruji Products
INDRA DEV 9″
INDRA DEV 9″
🛒 Read More Details
Power of Infinity
Power of Infinity
🛒 Read More Details
Vastu Chakra
Vastu Chakra 
🛒 Read More Details

शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण

रायपुर में शादी सीजन शुरू होते ही लोग भगवान के बाद खाद्य…

महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं

रायपुर में महतारी वंदन योजना के दौरान अव्यवस्था, राशन स्टॉक की कमी…

एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट

रायपुर में एलपीजी जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, अफवाह से मार्च में बुकिंग…