रायपुर के कार्डियक इंस्टीट्यूट में कूलिंग सिस्टम बंद और ICU एसी खराब, बढ़ती गर्मी से मरीज परेशान, परिजनों ने जल्द सुधार की मांग की।
रायपुर। राजधानी में मार्च की शुरुआत के साथ ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है और इसका सीधा असर अब अस्पतालों की व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर स्थित कार्डियक इंस्टीट्यूट में कूलिंग सिस्टम बंद रहने और आईसीयू के एयर कंडीशनर खराब होने से भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तेज गर्मी के बीच दिल के गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह स्थिति और भी चिंता बढ़ाने वाली बन गई है।
बढ़ते तापमान में मरीजों की हालत बिगड़ने की आशंका
राजधानी में दिन के समय तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने लगा है। ऐसे में कार्डियक मरीजों के लिए ठंडा और नियंत्रित वातावरण बेहद जरूरी होता है, लेकिन कार्डियक इंस्टीट्यूट के कई वार्डों और आईसीयू में कूलिंग सिस्टम बंद होने से मरीजों को पसीने और उमस से जूझना पड़ रहा है।
परिजनों का कहना है कि गर्मी के कारण मरीजों को बेचैनी, घबराहट और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
ICU में एसी खराब, गंभीर मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित
सबसे गंभीर स्थिति कार्डियक इंस्टीट्यूट के आईसीयू की बताई जा रही है, जहां भर्ती अत्यंत गंभीर मरीजों के लिए एयर कंडीशनिंग व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। परिजनों के अनुसार, कई दिनों से आईसीयू का एसी ठीक से काम नहीं कर रहा है।
मरीजों के साथ मौजूद परिजनों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद तकनीकी खराबी को दूर नहीं किया जा सका है।
कूलिंग सिस्टम पहले ही कर दिया गया बंद
सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल परिसर में मौसम को देखते हुए पहले ही कूलिंग सिस्टम को बंद कर दिया गया था। लेकिन इस बार मार्च के पहले सप्ताह से ही गर्मी तेज होने लगी, जिससे मरीजों और स्टाफ दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई वार्डों में लगे कूलर और वेंटिलेशन सिस्टम भी पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे हैं।
परिजनों में आक्रोश, जल्द सुधार की मांग
कार्डियक इंस्टीट्यूट में भर्ती मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अनुकूल तापमान जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
परिजनों ने मांग की है कि गर्मी को देखते हुए तत्काल कूलिंग सिस्टम को दोबारा शुरू किया जाए और आईसीयू के एसी को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए।
डॉक्टरों की चिंता, गर्मी से बढ़ सकता है स्वास्थ्य जोखिम
चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक गर्म वातावरण में कार्डियक मरीजों को डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर असंतुलन और हृदय गति में गड़बड़ी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आईसीयू में भर्ती मरीजों के लिए तापमान नियंत्रण चिकित्सा प्रबंधन का अहम हिस्सा होता है।
डॉक्टरों का मानना है कि यदि जल्द ही तकनीकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो मरीजों की सेहत पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों को भी हो रही परेशानी
गर्मी से केवल मरीज ही नहीं, बल्कि नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी प्रभावित हो रहे हैं। लगातार गर्म वातावरण में काम करने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ रहा है।
स्टाफ का कहना है कि पर्याप्त वेंटिलेशन और कूलिंग व्यवस्था न होने से लंबे समय तक ड्यूटी निभाना मुश्किल हो रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने जल्द सुधार का दिया आश्वासन
मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने पर अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी की जानकारी ली गई है और संबंधित एजेंसी को सूचित कर दिया गया है। जल्द ही आईसीयू के एसी और अन्य कूलिंग सिस्टम को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है।
राजधानी में गर्मी बनी नई चुनौती
राजधानी रायपुर में हर साल गर्मी जल्दी दस्तक दे रही है। इस बार भी मार्च की शुरुआत से ही तापमान में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। ऐसे में बड़े अस्पतालों में समय रहते कूलिंग व्यवस्था को सक्रिय करना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के पैटर्न को देखते हुए अस्पतालों को पहले से तैयार रहना होगा, ताकि मरीजों को अनावश्यक जोखिम से बचाया जा सके।
मरीजों और परिजनों की अपील
कार्डियक इंस्टीट्यूट में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द कूलिंग सिस्टम बहाल कराने की मांग की है, ताकि गंभीर मरीजों को राहत मिल सके और इलाज की प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

