रायपुर के फाफाडीह चौक से तेलघानी नाका क्षेत्र में रोज दो हजार वाहनों की आवाजाही से जाम, अब शाम 5 से रात 9 बजे तक मालवाहक नो-एंट्री।
रायपुर। शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रशासन ने फाफाडीह चौक और तेलघानी नाका के आसपास के इलाके में मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। ट्रैफिक विभाग के अनुसार इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब दो हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे शाम के समय लगातार जाम की स्थिति बन रही थी।
अब शहर के अत्यधिक व्यस्त माने जाने वाले फाफाडीह चौक से लेकर तेलघानी नाका क्षेत्र में प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लागू की गई है।
रोज़ाना भारी ट्रैफिक से बिगड़ रही थी व्यवस्था
यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार फाफाडीह चौक–तेलघानी नाका मार्ग शहर का प्रमुख व्यावसायिक और परिवहन कॉरिडोर है। इस क्षेत्र से रोज़ाना बड़ी संख्या में ट्रक, पिकअप, मिनी ट्रक और अन्य मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
दफ्तर छूटने के समय और बाजार बंद होने के दौरान शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच निजी वाहन, ऑटो, बस और दोपहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। इसी दौरान मालवाहक वाहनों की आवाजाही जाम की मुख्य वजह बन रही थी।
दो हजार से अधिक वाहनों का दबाव
ट्रैफिक विभाग के आकलन के मुताबिक, इस पूरे सेक्शन में प्रतिदिन करीब दो हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही दर्ज की जा रही है। इनमें बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन शामिल हैं, जो सड़क पर धीमी गति से चलते हैं और लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान भी अव्यवस्था उत्पन्न होती है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों की लगातार शिकायतों के बाद इस क्षेत्र का ट्रैफिक सर्वे कराया गया, जिसके आधार पर नो-एंट्री का निर्णय लिया गया।
शाम के व्यस्त समय में नहीं चलेंगे मालवाहक
नई व्यवस्था के तहत फाफाडीह चौक से तेलघानी नाका तक के प्रभावित मार्गों पर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक किसी भी प्रकार के भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए संबंधित वाहन चालकों को पहले से ट्रैफिक पुलिस से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
आम लोगों को मिलेगी राहत
इस फैसले से रोज़ इस इलाके से गुजरने वाले स्कूली बच्चों, ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस और सार्वजनिक परिवहन यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय अक्सर 15 से 30 मिनट तक लोग जाम में फंसे रहते थे। कई बार छोटी-सी दूरी तय करने में भी लंबा समय लग जाता था।
दुकानदारों और व्यापारियों से भी की गई अपील
प्रशासन ने इलाके के व्यापारियों और गोदाम संचालकों से भी अपील की है कि वे लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य प्रतिबंधित समय के बाहर ही करें। सुबह या देर रात के समय माल की आवाजाही सुनिश्चित करने से ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी।
व्यापारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर माल उतारकर यातायात बाधित न करें।
सख्ती से लागू होगी व्यवस्था
इस पूरे ट्रैफिक नियंत्रण अभियान को रायपुर यातायात पुलिस द्वारा सख्ती से लागू किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मालवाहक वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक कुछ दिनों तक मौके पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा, ताकि वाहन चालकों को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह
मालवाहक वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि में शहर के बाहरी बायपास और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा और आवागमन अधिक सुचारू हो सकेगा।
ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रमुख चौराहों पर सूचना बोर्ड और संकेतक भी लगाए जा रहे हैं, ताकि बाहर से आने वाले वाहन चालकों को पहले ही नो-एंट्री की जानकारी मिल सके।
भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी लागू हो सकता है प्रयोग
यातायात अधिकारियों का कहना है कि यदि फाफाडीह–तेलघानी नाका क्षेत्र में यह व्यवस्था सफल रहती है और जाम की समस्या में कमी आती है, तो इसी मॉडल को शहर के अन्य व्यस्त क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।
शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या को देखते हुए समयबद्ध ट्रैफिक नियंत्रण आने वाले समय की जरूरत बनता जा रहा है।
प्रशासन का संदेश
ट्रैफिक विभाग ने नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित समय में ही मालवाहक वाहनों का संचालन करें और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें, ताकि शहर में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

