गरियाबंद। पुलिस ने नक्सलियों से 8 लाख नकद और विस्फोटक बरामद किए।
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की मुहिम लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के पंडरीपानी जंगल में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने 8 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
यह रकम नक्सलियों ने ग्रामीणों और व्यापारियों से डराकर वसूली थी और इसका उपयोग उनके संगठन के विस्तार व हिंसक गतिविधियों के लिए किया जाना था। पुलिस की इस कार्रवाई से नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है।
संयुक्त ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता
यह सर्च ऑपरेशन 20 मार्च 2025 को गरियाबंद पुलिस, एसटीएफ, कोबरा 207, सीआरपीएफ 65 बटालियन और 211 बटालियन की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व डीएसपी गरिमा दादर ने किया। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पंडरीपानी जंगल में नक्सलियों ने बड़ी रकम और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। इस सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने रणनीति बनाकर जंगल में सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
करीब 11 बजे टीम को जंगल में एक संदिग्ध स्थान पर खुदाई के दौरान स्टील का डिब्बा मिला। जब उसे खोला गया, तो उसमें नीले रंग की झिल्ली में लपेटे गए 8 लाख रुपये नकद, 13 नग ज्वलनशील जलेटिन विस्फोटक, नक्सली बैनर, डायरी और अन्य प्रतिबंधित साहित्य बरामद हुआ।

नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम
गरियाबंद पुलिस के अनुसार, नक्सली इस रकम का इस्तेमाल अपने संगठन के विस्तार और सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए करने वाले थे। लेकिन समय रहते ही पुलिस ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया।
डीएसपी गरिमा दादर ने बताया कि इस बरामदगी से यह साफ होता है कि नक्सली अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए धन एकत्र कर रहे थे। इस रकम का स्रोत और इसका उपयोग कहां किया जाना था, इसकी गहन जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुकी हैं कई बड़ी कार्रवाइयां
छत्तीसगढ़ के बस्तर और गरियाबंद क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में पुलिस को कई अहम सफलताएं मिली हैं।
- जनवरी 2025: गरियाबंद के देवभोग इलाके में सुरक्षाबलों ने 6 नक्सलियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था।
- फरवरी 2025: पुलिस ने महासमुंद जिले में एक नक्सली ठिकाने पर छापा मारकर 10 लाख रुपये और कई आधुनिक हथियार जब्त किए थे।
नक्सली अपने फंडिंग नेटवर्क को मजबूत करने के लिए जबरन वसूली, लूट और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों का सहारा लेते हैं। लेकिन सुरक्षाबलों की बढ़ती मुस्तैदी के कारण उनकी गतिविधियों पर लगाम लग रही है।

जांच जारी, हो सकते हैं बड़े खुलासे
इस ऑपरेशन के बाद पुलिस ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है। नक्सलियों द्वारा रखी गई नकदी और विस्फोटकों से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
मुख्य बिंदु जिनकी जांच की जा रही है:
- यह रकम कहां से आई और किसके माध्यम से जुटाई गई?
- क्या इस रकम से नक्सली किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे थे?
- इस रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे होने वाला था?
- इलाके में नक्सलियों के अन्य ठिकानों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाइयां की जाएंगी।
पुलिस की अपील: किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें
पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों से अपील की है कि वे नक्सलियों की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षाबलों को दें।
गरियाबंद जिले में नक्सल गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन स्थानीय समुदाय के सहयोग से नई रणनीति पर काम कर रहा है। पुलिस का कहना है कि अगर जनता जागरूक रहे और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दे, तो नक्सलवाद पर लगाम लगाई जा सकती है।
निष्कर्ष
गरियाबंद पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा की गई यह कार्रवाई नक्सलियों के लिए बड़ा झटका साबित हुई है। 8 लाख रुपये नकद और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी से यह साफ हो गया है कि वे अपनी गतिविधियों को और विस्तार देने की फिराक में थे।
आने वाले दिनों में नक्सलियों के खिलाफ और भी कड़े अभियान चलाए जाने की संभावना है। प्रशासन का साफ संदेश है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के लिए अब कोई जगह नहीं है।

