बिलासपुर में कबाड़ी गोदाम से चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स और नंबर बरामद, पुलिस अब वाहन मालिकों और चोरी के मामलों की पहचान में जुटी।
बिलासपुर। बिलासपुर में कबाड़ियों की कमी के बीच सक्रिय हुए कुछ शातिर वाहन चोरों की पोल अब खुलती नजर आ रही है। पुलिस ने शहर के एक कबाड़ी गोदाम में छापा मारकर चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स, कटे हुए चेचिस नंबर और इंजन नंबर के टुकड़े बरामद किए हैं, जिससे यह संकेत मिला है कि लंबे समय से यहां संगठित तरीके से वाहनों को काटकर खपाया जा रहा था।
अब पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती इन पार्ट्स से जुड़े असल वाहन मालिकों की पहचान और चोरी के मामलों को जोड़ना है।
कबाड़ी गोदाम में छापा, बड़ा खुलासा
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ कबाड़ी गोदामों में चोरी की गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे बेचे जा रहे हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर के बाहरी इलाके में स्थित एक बड़े कबाड़ी गोदाम में छापा मारा गया।
छापे के दौरान पुलिस को—
- कार और बाइक के बड़ी संख्या में पार्ट्स
- कटे हुए चेचिस नंबर के टुकड़े
- इंजन नंबर प्लेट
- बिना दस्तावेज के रखे गए स्क्रैप वाहन
बरामद हुए हैं।
नंबर मिटाकर बेचे जा रहे थे पुर्जे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि—
- चोरी की गाड़ियों को पहले गोदाम में लाया जाता था
- फिर चेचिस और इंजन नंबर काटकर अलग कर दिए जाते थे
- बाद में पार्ट्स को अलग-अलग कबाड़ियों को बेचा जाता था
- ताकि गाड़ी की पहचान असंभव हो जाए
इस तरीके से वाहन चोरी का पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।
कबाड़ियों की कमी बनी अवसर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि—
- शहर में वैध लाइसेंसधारी कबाड़ियों की संख्या सीमित है
- इसी कमी का फायदा उठाकर अवैध कबाड़ी सक्रिय हो गए
- बिना रिकॉर्ड और बिना रजिस्टर के माल खरीदा-बेचा जा रहा था
इस स्थिति में ईमानदार कबाड़ियों के लिए जहां काम सीमित हुआ, वहीं अवैध कारोबारियों की मौज हो गई।
अब असली मालिकों की तलाश
पुलिस अब बरामद पार्ट्स के आधार पर—
- पुराने चोरी के मामलों से मिलान कर रही है
- चेचिस और इंजन नंबर के बचे हुए हिस्सों से डेटाबेस खंगाला जा रहा है
- थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से क्रॉस चेक किया जा रहा है
उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा चोरी की गाड़ियों की पहचान कर उनके मालिकों तक पहुंचा जाए।
कई चोरी के मामलों का खुलासा संभव
पुलिस को उम्मीद है कि—
- इस कार्रवाई से दर्जनों पुराने वाहन चोरी के मामलों का खुलासा होगा
- संगठित वाहन चोर गिरोह तक पहुंच बनाई जा सकेगी
- अन्य कबाड़ी गोदामों की भी जांच तेज की जाएगी
इस पूरे नेटवर्क में शामिल कबाड़ियों, बिचौलियों और चोरों की गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है।
प्रशासन की सख्ती
प्रशासन ने अब—
- सभी कबाड़ी गोदामों का सत्यापन अभियान शुरू करने
- लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टर की जांच
- संदिग्ध कबाड़ियों पर निगरानी बढ़ाने
के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बिना दस्तावेज स्क्रैप खरीदने और बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
कबाड़ियों की कमी के बीच फलते-फूलते इस अवैध नेटवर्क ने साबित कर दिया है कि—
- वाहन चोरी अब संगठित अपराध का रूप ले चुकी है
- कबाड़ी गोदाम इस नेटवर्क की सबसे कमजोर लेकिन अहम कड़ी हैं
- यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई तो शहर में चोरी के मामले और बढ़ सकते हैं
फिलहाल पुलिस की यह कार्रवाई वाहन चोर गिरोहों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

