रायपुर। नकली पनीर
नकली पनीर का कारोबार तेजी से चल रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि ट्रेन और बस से रोज भारी मात्रा में पनीर रायपुर पहुंच रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जब्ती की कार्रवाई भी कर रहे हैं।
इस दौरान हुई जांच में जो बिल मिले हैं, उनमें एक किलो पनीर की कीमत 171 रुपये लिखी है। वहीं, असली पनीर की कीमत बाजार में 360 रुपये प्रति किलो है। डॉक्टर कहते हैं कि नकली पनीर इतना खतरनाक है कि इससे किडनी और लिवर को नुकसान हो सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि नकली पनीर बनाने में 75 रुपये तक खर्च आता है। ऐसे में 96 रुपये प्रति किलो की कमाई रायपुर पनीर भेजने वाले कमा रहे हैं। यही पनीर 171 रुपये में रायपुर के व्यापारियों को बेचा जा रहा है।
पनीर को राजधानी के डेयरी संचालक 340 से 360 रुपये तक बेच रहे हैं। इस तरह 169 से 189 रुपये की कमाई रायपुर के व्यापारी करते हैं। इस तरह जब्त की गई 56 क्विंटल पनीर से 10 लाख रुपये की शुद्ध कमाई होती।
ऐसे बनता है नकली पनीर
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि दूध पाउडर, हानिकारक रसायन, डालडा, पाम आयल और मैदा से नकली पनीर बनाया जाता है। इसके अलावा असली पनीर के जैसा आकार देने के लिए नकली पनीर में सल्फ्यूरिक एसिड का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी चीजें शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक होती हैं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
नए साल के जश्न के दौरान 30 और 31 दिसंबर को खाद्य विभाग ने नकली पनीर बनाने वाली 2 फैक्ट्रियों में छापामारी की थी। इस दौरान 6,500 किलो नकली पनीर जब्त किया था।
काशी एग्रो फूड्स फैक्ट्री से 2,500 किलो और एसजे मिल्क प्रोडक्ट्स कंपनी से चार हजार किलो पनीर जब्त किया गया था। दोनों फैक्ट्रियों में मिले पनीर अमानक पाए गए हैं। विभाग ने दोनों फैक्ट्रियों के संचालकों के नाम पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।
असली और नकली पनीर की पहचान
पनीर को मसलकर पहचानें- पनीर का थोड़ा-सा टुकड़ा लेकर हाथों से मसलें। अगर यह भुरभुरे रूप में आ जाता है, तो इसका मतलब यह नकली है। असली पनीर ऐसे भुरभुरा नहीं होता है।
स्वाद से पहचानें- असली पनीर स्वाद में क्रीमी होता है, लेकिन अगर इसे खाने के बाद आपको अलग सा स्वाद महसूस हो रहा है तो ये मिलावटी हो सकता है। पनीर दूध से बनाया जाता है तो इसमें सिर्फ दूध का ही स्वाद आता है।
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